मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गिनाईं सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियां
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है. इस रिपोर्ट कार्ड में उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच का दावा किया है. मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कागजी योजनाएं नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन है, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी मदद पहुंचे. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छह पेंशन योजनाओं से 21 लाख 99 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं. इनमें से 98 प्रतिशत हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है, जबकि 96 प्रतिशत का आधार सीडिंग पूरा हो चुका है. पेंशन आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हुई है. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बीते दो वर्षों में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। महिला सशक्तिकरण के तहत महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल साबित हुई है, जिसके तहत अब तक 14 हजार 307 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना से 68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। महिला हेल्पलाइन के माध्यम से बीते 2 वर्षों में 8 हजार 959 शिकायतों का समाधान किया गया है। बाल संरक्षण सेवाओं के तहत कुल 110 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें 32 शासकीय और 78 गैर-शासकीय संस्थाएं शामिल हैं। पास्को पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए सपोर्ट पर्सन चिन्हांकित किए गए हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मानजनक व्यवस्था
मंत्री ने कहा कि राज्य में वृद्धजनों के लिए संरक्षण और देखरेख को मजबूत किया गया है. संचालित वृद्धाश्रमों के माध्यम से अब तक 840 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रशामक देखरेख गृहों के जरिए गंभीर रूप से बीमार 140 बुजुर्गों को निःशुल्क उपचार एवं देखभाल का लाभ दिया गया है.
नशे के खिलाफ जारी है जंग
नशामुक्ति अभियान के तहत भारत माता वाहिनी योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया है. राज्यभर में 3154 समूहों का गठन किया गया है, जो नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैला रहे हैं. 25 जिलों में संचालित 26 नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से 4379 नशा पीड़ितों का उपचार एवं पुनर्वास किया गया है.
मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाएं
मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं. हॉफ-वे-होम के माध्यम से मानसिक रोग से उपचारित 235 व्यक्तियों को आजीवन देखरेख और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है. अपराजिता केंद्र के जरिए मानसिक रूप से बीमार 76 महिलाओं को उपचार और संरक्षण प्रदान किया गया है.
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना एक नई पहल
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 286 यात्राओं के माध्यम से 2.60 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा विधवा-परित्यक्ता महिलाओं को तीर्थ यात्रा कराई गई है. इसके साथ ही सुगम छत्तीसगढ़ अभियान, दिव्यांग विकास आयोग के गठन और विभागीय बजट में वृद्धि जैसी नई पहलों से सरकार ने भविष्य की दिशा भी स्पष्ट की है. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की नीतियों का उद्देश्य केवल आंकड़े प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानजनक जीवन देना है. सरकार आने वाले समय में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाकर समाज के हर वर्ग तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
