रेशम प्रभाग में नए रोजगार और 'अमारी सिल्क ब्रांड से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान, महिला समूहों को मिलेगा रोजगार - CGKIRAN

रेशम प्रभाग में नए रोजगार और 'अमारी सिल्क ब्रांड से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान, महिला समूहों को मिलेगा रोजगार


गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत संचालित खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कौशल विकास विभाग मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत विभिन्न बोर्ड/आयोग के अध्यक्ष, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा द्वारा अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को रायपुर जिले के कुंवरगढ़ स्थित प्रशिक्षण केंद्र में हथकरघा और खादी के बचत कपड़े से खिलौने बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। उक्त प्रशिक्षण से प्रदेश की अति पिछड़ी जनजातियों को रोजगार का साधन मिलेगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं द्वारा आज इस कार्यक्रम में वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण की संस्कृत में विशेष प्रस्तुति दी गई। साथ ही महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संघर्ष से प्रेरित प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के संघर्ष की नाट्य प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम को और आकर्षित बनाने राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के छात्रों द्वारा महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन को भरतनाट्यम के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

इस पहल से 11 जिलों के 13 महिला स्व-सहायता समूहों की 360 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।

बस्तर संभाग में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए टसर कीट पालन और धागाकरण के क्षेत्र में 360 प्रशिक्षार्थियों का प्रशिक्षण आज से शुरू किया गया है, जिसके लिए लगभग ₹29.49 लाख स्वीकृत किए गए हैं। टसर धागों की बिक्री में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने और महिलाओं को उचित दाम दिलाने के लिए "रेशम सेतु" नामक विक्रय मंच की व्यवस्था की जा रही है, जिससे 79 महिला समूह जुड़ेंगे।

खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रमुख पहलें

विभागीय मंत्री ने कुंवरगढ़ (जिला रायपुर) में ₹55.00 लाख की लागत से बने नवनिर्मित खादी उत्पादन केंद्र और अंबिकापुर में ₹20.00 लाख की लागत से बने प्रीमियम खादी सेल्स आउटलेट का वर्चुअल शुभारंभ किया।जशपुर, कोरबा, बस्तर एवं सुकमा जिले की विशेष पिछड़ी जनजातियों की 30 महिलाओं को सोलर चरखा वितरित किया गया।

कार्यक्रम में 2 उत्कृष्ट बुनकरों और 2 उत्कृष्ट कत्तिनों को 21-21 हजार रुपये की प्रोत्साहन व सम्मान राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) के तहत 100 से अधिक हितग्राहियों को ₹50.00 लाख की अनुदान राशि बांटी गई, साथ ही कारीगरों को ₹67,500 की प्रशिक्षण वृत्ति का वितरण किया गया।

हाथकरघा प्रभाग द्वारा बुनकरों के लिए सौगात

बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास केंद्रों के 80 हितग्राहियों के नवीन बुनाई प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने हेतु 122 हितग्राहियों के लिए ₹21.96 लाख और 26 बुनकरों को व्यक्तिगत वर्कशेड-सह-आवास के लिए ₹65.00 लाख की अनुदान राशि स्वीकृत की गई।

छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग और बिक्री को गति देने के लिए 'बिलासा हैंडलूम' की व्यावसायिक वेबसाइट (bilasahandloom.co.in) का लोकार्पण किया गया। प्रदेश के बुनकरों के बेहतर स्वास्थ्य हेतु बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक द्वारा सीएसआर मद से 250 नग इयरफोन का वितरण किया गया।

रेशम प्रभाग में नए रोजगार और 'अमारी सिल्क

कोसा फलों से तितलियों के स्वतः बाहर निकलने के बाद तैयार होने वाले अहिंसक धागे को "अमारी सिल्क" (अहिंसा सिल्क) ब्रांड के नाम से लॉन्च किया गया।



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