अब संस्कृत सीखना हुआ आसान, सैनिक स्कूल के छात्र ने बनाया 'संस्कृतम लैब' पोर्टल - डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहल
छत्तीसगढ़ के सरगुजा के एक छात्र ने कमाल कर दिखाया. उसने संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल पोर्टल ‘संस्कृतम लैब’ तैयार किया है. यह पोर्टल केजी से लेकर पीएचडी स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत सीखने में सहायक होगा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के सैनिक स्कूल के कक्षा 10वीं के छात्र मोहित साहू ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ ‘संस्कृतम लैब’ नामक एक पोर्टल विकसित किया है. इस पहल का उद्देश्य संस्कृत भाषा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाना है. मोहित ने यह पोर्टल तीन महीने से अधिक के समय में तैयार किया है.उन्होंने अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित करते हुए इस पोर्टल को तैयार किया. इस दौरान उन्हें तकनीक के साथ-साथ संस्कृत भाषा को समझने और सीखने का अवसर मिला.
मोहित ने अपनी इस पहल का श्रेय अपने मार्गदर्शक शिक्षक सौरभ जैन को दिया. उन्होंने बताया कि सौरभ जैन के मार्गदर्शन में ही उन्हें संस्कृत के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने का अवसर मिला. मोहित साहू के अनुसार, इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों की संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ाना और इसके लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना है.
‘संस्कृतम लैब’ को विशेष रूप से संस्कृत भाषा सीखने के उद्देश्य से बनाया गया है. उनका मानना है कि आज के समय में कई बच्चे संस्कृत पढ़ने से दूर हो रहे हैं. ऐसे में संस्कृत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों तक आसान तरीके से पहुंचाना आवश्यक है.
केजी से पीएचडी तक उपयोगी
इस पोर्टल की एक मुख्य विशेषता यह है कि इसका उपयोग विभिन्न आयु और शिक्षा स्तर के विद्यार्थी कर सकते हैं. छोटे बच्चों के लिए इसमें चित्रों के माध्यम से शब्दों को समझने और सीखने की सुविधा है जबकि उच्च शिक्षा और शोध स्तर के विद्यार्थी भी संस्कृत से संबंधित सामग्री के माध्यम से इसका लाभ उठा सकेंगे.