प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से धुएं से मिली मुक्ति,रसोई हुई आसान ,समय की हुई बचत,, परिवार की दिनचर्या हुई बेहतर - CGKIRAN

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से धुएं से मिली मुक्ति,रसोई हुई आसान ,समय की हुई बचत,, परिवार की दिनचर्या हुई बेहतर


जनकल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानियां सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक चूल्हे के धुएं और ईंधन के लिए लकड़ी जुटाने की परेशानी से राहत देकर उनकी रसोई को अधिक सुविधाजनक बनाया है। अम्बिकापुर के ग्राम सकालो चारपारा की रहने वाली श्रीमती रीता पात्र के परिवार के जीवन में भी उज्ज्वला योजना से ऐसा ही बदलाव आया है।

श्रीमती रीता पात्र अपने पति श्री दशरथ पात्र और दो बच्चों के साथ रहती हैं। दोनों बच्चे स्कूल जाते हैं। परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा हुआ है। रीता बताती हैं कि पहले परिवार का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर तैयार होता था। इसके लिए लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ती थी और खाना बनाते समय रसोई में धुआं भर जाता था। चूल्हे पर भोजन और बच्चों के लिए टिफिन तैयार करने में भी अधिक समय लगता था।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस कनेक्शन से आसान हुई रसोई

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद रीता की दिनचर्या में बदलाव आया है। अब गैस पर कम समय में भोजन तैयार हो जाता है। सुबह बच्चों के स्कूल जाने से पहले उनका टिफिन तैयार करने में भी आसानी होती है। रीता के अनुसार पहले चूल्हे पर खाना बनाने में काफी समय लग जाता था, जबकि अब गैस की सुविधा मिलने से काम जल्दी पूरा हो जाता है।

उन्होंने बताया, “पहले हम चूल्हे पर खाना बनाते थे। लकड़ी लानी पड़ती थी और बहुत धुआं होता था। खाना बनाने में भी काफी समय लगता था। अब गैस मिलने से खाना और बच्चों का टिफिन जल्दी बन जाता है। हमें बहुत सुविधा हुई है।”

बचा समय अब खेती-बाड़ी के काम में

रीता के लिए गैस कनेक्शन केवल रसोई की सुविधा तक सीमित नहीं है। खाना बनाने में लगने वाला समय कम होने से उन्हें खेती-बाड़ी और परिवार के दूसरे कामों के लिए अधिक समय मिल रहा है। वे बताती हैं कि पहले चूल्हे पर भोजन तैयार करने में देर होने के कारण खेत के काम के लिए समय निकालना मुश्किल होता था। अब रसोई का काम जल्दी पूरा कर वे खेती-बाड़ी के कार्यों में भी सहयोग कर पाती हैं।

धुएं से राहत, परिवार को मिली सहूलियत

पारंपरिक चूल्हे के धुएं से छुटकारा मिलने से रसोई का वातावरण भी बेहतर हुआ है। गैस से भोजन तैयार करने की सुविधा ने परिवार की दैनिक दिनचर्या को सहज बनाया है। बच्चों के स्कूल जाने की तैयारी से लेकर खेत के काम तक समय का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है।

रीता पात्र ने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गैस कनेक्शन मिलने से उनकी एक बड़ी दैनिक परेशानी दूर हुई है और परिवार को काफी सहूलियत मिली है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रीता पात्र की कहानी बताती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जब जरूरतमंद परिवारों तक होती है, तो उसका प्रभाव उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में समय की बचत, सुविधा और बेहतर जीवनशैली के रूप में दिखाई देता है।

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads