छत्तीसगढ़ समेत देशभर में अब स्मार्ट मीटर जरूरी, सीएसपीडीसीएल ने कहा- इससे बिजली बिलिंग सटीक और पारदर्शी होगी - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ समेत देशभर में अब स्मार्ट मीटर जरूरी, सीएसपीडीसीएल ने कहा- इससे बिजली बिलिंग सटीक और पारदर्शी होगी

 


छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही चर्चाओं और असमंजस के बीच बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय के 12 अगस्त 2026 के निर्देश के मुताबिक, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति की जानी है. यानी ऐसे क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाना आवश्यक होगा.

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी रखने और उसमें तेजी लाने को कहा है. इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत कई राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.

उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा

सीएसपीडीसीएल के मुताबिक स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा सटीक और पारदर्शी बिलिंग है. स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे. मीटर की रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होने के कारण मैनुअल रीडिंग और डाटा एंट्री से जुड़ी मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी. इसके अलावा भविष्य में स्मार्ट मीटर के माध्यम से समय आधारित बिजली दर यानी Time of Day—ToD टैरिफ का लाभ भी लिया जा सकता है. इस व्यवस्था में उपभोक्ता अधिक दर वाले समय में बिजली का इस्तेमाल कम और कम दर वाले समय में अधिक करके अपने बिजली बिल को नियंत्रित कर सकते हैं.

बिजली कंपनी को भी मिलेगा फायदा

स्मार्ट मीटर सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि बिजली वितरण कंपनी के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है. इसके माध्यम से बिजली की खपत का अधिक सटीक लेखा-जोखा रखा जा सकेगा. साथ ही वितरण व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी.

मैनुअल रीडिंग में मानवीय गलती की संभावना

सीएसपीडीसीएल के अनुसार चेक मीटर की रीडिंग मैनुअल तरीके से ली और दर्ज की जाती है. ऐसे में रीडिंग लिखने या डाटा दर्ज करने के दौरान मानवीय त्रुटि की संभावना रहती है. वहीं स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होती है, इसलिए मैनुअल प्रविष्टि से जुड़ी इस तरह की गलती की संभावना नहीं रहती. जांच में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में किसी भी तरह की विसंगति नहीं पाई गई.

सीएसपीडीसीएल की उपभोक्ताओं से अपील

स्मार्ट मीटर को लेकर सीएसपीडीसीएल ने उपभोक्ताओं से अफवाहों और भ्रम पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर से संबंधित सही और प्रमाणिक जानकारी के लिए उपभोक्ता अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें.

कुल मिलाकर केंद्र सरकार के निर्देश के बाद स्मार्ट मीटर को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति की दिशा में काम तेज किया जाएगा. सीएसपीडीसीएल का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग अधिक सटीक और पारदर्शी होगी, उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकेंगे और भविष्य में समय आधारित बिजली दरों का लाभ लेकर बिल कम करने का विकल्प भी उनके पास होगा.

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