ई-केवाईसी के फेर में अटका राशन,गांवों में नेटवर्क और सर्वर की सबसे बड़ी बाधा - CGKIRAN

ई-केवाईसी के फेर में अटका राशन,गांवों में नेटवर्क और सर्वर की सबसे बड़ी बाधा


सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन पाने वाले हितग्राहियों के लिए अनिवार्य की गई ई-केवाईसी अब भी बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में हितग्राहियों की ई-केवाईसी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते कई परिवारों को पिछले करीब पांच माह से राशन मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हितग्राहियों का कहना है कि वे ई-केवाईसी कराने के लिए लगातार राशन दुकानों और संबंधित केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कभी सर्वर ठप होने, कभी नेटवर्क की समस्या तो कभी अन्य तकनीकी कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में राशन दुकानों पर ई-केवाईसी के दौरान नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या सामने आ रही है। कई बार हितग्राही घंटों इंतजार करने के बाद भी ई-केवाईसी नहीं करा पाते। सर्वर पर दबाव बढ़ने से भी प्रक्रिया बाधित होने की शिकायतें मिल रही हैं। हितग्राहियों का कहना है कि राशन जैसी जरूरी सुविधा के लिए तकनीकी प्रक्रिया के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। जिन परिवारों की ई-केवाईसी अब तक नहीं हुई है, उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि आगे उन्हें नियमित राशन मिलेगा या नहीं।

बुजुर्ग और ग्रामीण हितग्राही ज्यादा परेशान

ई-केवाईसी की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के गांवों में रहने वाले हितग्राहियों को हो रही है। कई लोगों को बार-बार राशन दुकान तक पहुंचना पड़ रहा है। आने-जाने में समय और पैसा खर्च होने के बावजूद तकनीकी समस्या के कारण काम नहीं हो पा रहा है।

तकनीकी दिक्कतों का असर जरूरी सुविधा पर

ई-केवाईसी का उद्देश्य पीडीएस व्यवस्था में हितग्राहियों का सत्यापन सुनिश्चित करना है। लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं होने से इसका असर सीधे राशन पाने वाले परिवारों पर पड़ रहा है। हितग्राहियों का कहना है कि राशन उनके परिवार की आवश्यक जरूरत है। इसलिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सरल और सुचारू बनाया जाना चाहिए। खासकर ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी और सर्वर की समस्या का समाधान जरूरी है।

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