राष्ट्रपति भवन में गूंजी छत्तीसगढ़ की लोकधुन - स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुई शानदार प्रस्तुति
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य एट होम कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक माटी की खुशबू फैली। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में जब छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ लोक कलाकार एवं संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित राकेश तिवारी ने अपनी टीम के साथ सुरीली लोकधुनों का जादू बिखेरा, तो वहां मौजूद हर शख्स मंत्रमुग्ध हो गया। इस विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ के साथ ही चार अलग-अलग राज्यों की लोक परंपराओं का एक संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और माटी से जुड़े वाद्यों जैसे मोहरी, गुदुम, दफड़ा और दमऊ की मंगलमय धुनों के साथ हुई। इसके बाद इसमें महाराष्ट्र के संबल, गोवा के घुमट तथा मध्य प्रदेश के मांदर और झांझ को शामिल किया गया। इन सभी राज्यों के पारंपरिक वाद्यों की स्वर-लय ने देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का सशक्त संदेश दिया।
इस मनमोहक प्रस्तुति को देखने के लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री और दुनिया भर से आए विशिष्ट विदेशी अतिथि उपस्थित थे। सभी ने कलाकारों की इस उत्कृष्ट कला की प्रशंसा की। छत्तीसगढ़ से राकेश तिवारी के अलावा बालोद के राधे सिंह गंधर्व और नारायणपुर के राम सिंह सलाम ने भी इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी कला का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के अंत में महामहिम राष्ट्रपति ने सभी कलाकारों के साथ विशेष समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
