नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक फोरलेन सड़क के लिए कुल 137 करोड़ 81 लाख रुपए की राशि स्वीकृत: उप मुख्यमंत्री अरुण साव
छत्तीसगढ़वासियों को जल्द ही एक नई रोड मिलने वाली है। बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक फोरलेन में सड़क बनाई जायेगी। राज्य सरकार ने टू-लेन सड़क को फोरलेन में परिवर्तित करने के लिये 21 करोड़ 81 लाख रुपए स्वीकृत की है। इस राशि से 36.40 किलोमीटर फोरलेन सड़क बनाई जायेगी। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन पर राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को लेटर जारी कर दिया है। राज्य शासन ने वर्ष-2024 में सीआरआईएफ योजना के तहत टू-लेन नांदघाट-मुंगेली मार्ग के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने इस सड़क को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। उनके निर्देश पर नांदघाट-मुंगेली मार्ग के टू-लेन से फोरलेन में उन्नयन के लिए राज्य शासन ने गुरुवार को 21 करोड़ 81 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है।
क्षेत्रवासी नांदघाट-मुंगेली को फोरलेन करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे। राज्य शासन के अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने से क्षेत्र की एक बड़ी मांग पूरी हो रही है। इस मार्ग के फोरलेन हो जाने से मुंगेली, लोरमी, पंडरिया और पंडरिया होते हुए मध्यप्रदेश के लोगों का राजधानी रायपुर आवागमन तेज होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल ने नांदघाट-मुंगेली सड़क के फोरलेन के रूप में मंजूरी पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार जताया है।
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता बेहतर करने के लिये कड़े निर्देश दिए हैं। कार्य की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन और कार्य शुरू करने में मितव्ययिता तय करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से तय समय-सीमा में काम पूरे करने की बात कही है। विभाग ने कार्य पूरे किये जाने के लिए बेवजह समय-सीमा बढ़ाये नहीं किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी की ओर से समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। निर्माण कार्य की समयावधि में वृद्धि नियमानुसार अर्थदंड सहित अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए हैं।
