अब बनारस जैसे रायपुर में भी महाआरती, खारुन नदी पर उज्जैन जैसा रिवर फ्रंट - CGKIRAN

अब बनारस जैसे रायपुर में भी महाआरती, खारुन नदी पर उज्जैन जैसा रिवर फ्रंट


अगर आप भी बनारस या उज्जैन जैसे शहरों के खूबसूरत नदी घाटों और वहां होने वाली भव्य महाआरती को देखकर सोचते थे कि हमारे रायपुर में ऐसा क्यों नहीं है, तो आपका यह इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. छत्तीसगढ़ की राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली खारुन नदी को अब एक बेहद खूबसूरत और आधुनिक पहचान मिलने वाली है, जिससे पूरा शहर एक नए रंग में रंगा हुआ नजर आएगा. इस बेहतरीन बदलाव की शुरुआत लोक निर्माण विभाग के एक बड़े फैसले से हुई है. विभाग ने रायपुर की खारुन नदी को अब उज्जैन के प्रसिद्ध शिप्रा रिवर फ्रंट के मॉडल पर पूरी तरह से चमकाने की तैयारी कर ली है. इसके लिए विभाग ने अपनी कमर कसते हुए 61 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत वाले खारुन रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के लिए बाकायदा ऑफिशियल टेंडर भी जारी कर दिया है.

विभाग के आला अफसरों ने साफ कर दिया है कि आगामी 10 अगस्त को यह टेंडर खोल दिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद काम करने वाली निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा. इस बड़े प्रोजेक्ट के सामने आने के बाद से ही रायपुर के लोगों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह योजना शहर को एक नया टूरिस्ट और धार्मिक हब बनाने जा रही है. इस पूरे काम को समय पर पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक बेहद सख्त टाइमलाइन भी तय कर दी है. अफसरों का कहना है कि जैसे ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी, चुनी गई निर्माण एजेंसी को इस पूरे प्रोजेक्ट को अगले 18 महीने के भीतर यानी सिर्फ डेढ़ साल के अंदर हर हाल में पूरा करके देना होगा. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत खारुन नदी के दोनों किनारों का पूरी तरह से कायाकल्प किया जाएगा और उन्हें एक नया, आकर्षक लुक दिया जाएगा.

नदी के दोनों तरफ न सिर्फ शानदार और पक्के नए घाट बनाए जाएंगे, बल्कि वहां बड़े स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक भव्य आरती स्थल भी तैयार किया जाएगा, जहां लोग बनारस और उज्जैन की तरह शाम के वक्त सुकून से बैठकर महाआरती का आनंद ले सकेंगे. जब यह नया रिवर फ्रंट पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा, तो वहां आने वाले लोगों को सिर्फ घाट ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देखने को मिलेंगी. टेंडर डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, नदी के किनारे लोगों के सुबह-शाम टहलने के लिए एक लंबा और खूबसूरत पाथवे बनाया जाएगा. धूप और बारिश से बचने के लिए श्रद्धालुओं के लिए खास कैनोपी की व्यवस्था की जाएगी और चारों तरफ हरियाली बिखेरते सुंदर गार्डन व हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही, वहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए मंदिर क्षेत्र और नदी तट का खास तौर पर जीर्णोद्धार किया जाएगा.

गाड़ियों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने के लिए पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम भी रहेगा. पूरे इलाके में एकरूप लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा, ताकि रिवर फ्रंट देखने में खूबसूरत लगे. इस ड्रीम प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद रायपुर की खारुन नदी का तट राजधानी का एक नया धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा. इससे जहां स्थानीय लोगों को सैर-सपाटे के लिए एक शानदार जगह मिलेगा, वहीं नदी तट पर बड़े-बड़े धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी बहुत आसानी से किया जा सकेगा. इस पूरे मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता राजीव नशीने ने बताया कि उज्जैन की तर्ज पर खारुन रिवर फ्रंट का निर्माण कार्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है. इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जो भी एजेंसी चुनी जाएगी, उसे 18 महीने के कड़े समय के भीतर इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारना होगा.

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