सेलो बोर और आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान से खेती बनी आसान, किसानों की आय और आत्मनिर्भरता को मिला बल - CGKIRAN

सेलो बोर और आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान से खेती बनी आसान, किसानों की आय और आत्मनिर्भरता को मिला बल


राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि अभियांत्रिकी योजनाओं से प्रदेश में आधुनिक खेती को मिल रही नई गति

छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी योजनाओं के प्रभाव से प्रदेश के किसानों की खेती अब आधुनिक तकनीकों से जुड़ रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) तथा कृषि अभियांत्रिकी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधाओं और आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे खेती अधिक सुगम, वैज्ञानिक और लाभकारी बनने के साथ किसानों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।

प्रदेशभर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को सेलो बोर (बोरवेल), ट्रैक्टर एवं अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान प्रदान कर सिंचाई और मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से वर्षा पर निर्भरता कम हो रही है तथा किसान वर्षभर खेती और उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।

सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर के ग्राम नावाबांध निवासी किसान मुकुल राजवाड़े का परिवार इन योजनाओं का सफल उदाहरण है। परिवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सेलो बोर की सुविधा तथा कृषि अभियांत्रिकी योजना के तहत ट्रैक्टर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त हुआ। इससे खेती के सभी कार्य समय पर होने लगे हैं और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

’वर्षभर सिंचाई से बढ़ी उत्पादकता’

किसान मुकुल राजवाड़े ने बताया कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, लेकिन सेलो बोर स्थापित होने के बाद अब पूरे वर्ष सिंचाई उपलब्ध हो रही है। इससे धान की नर्सरी तैयार करने के साथ-साथ सब्जी उत्पादन भी नियमित रूप से किया जा रहा है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के कारण उत्पादन बढ़ा है और अतिरिक्त आय के नए अवसर भी मिले हैं।

’आधुनिक कृषि यंत्रों से घटी लागत, बढ़ा मुनाफा’

मुकुल राजवाड़े ने बताया कि उनके परिवार के पास लगभग 8 से 9 एकड़ कृषि भूमि है, जहां आधुनिक तकनीकों से खेती की जा रही है। कृषि अभियांत्रिकी योजना के अंतर्गत उनके परिवार को ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, सिंचाई पंप, स्प्रेयर, रीपर एवं थ्रेशर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए। इन यंत्रों की कुल लागत लगभग 35 लाख रुपये रही, जिसमें शासन द्वारा लगभग 16 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इससे खेती की लागत कम हुई, श्रम की बचत हुई और समय पर कृषि कार्य पूरे होने लगे।

किसान ने बताया कि आधुनिक सिंचाई और कृषि यंत्रों की उपलब्धता से उनका परिवार उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा संचालित ऐसी योजनाएं किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए कृषि को अधिक उत्पादक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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