अबूझमाड़ में सीएम का दिखा अलग अंदाज, खाट पर बैठकर ग्रामीण से बंधवाई पगड़ी, महिलाओं एवं बच्चों से किया संवाद - CGKIRAN

अबूझमाड़ में सीएम का दिखा अलग अंदाज, खाट पर बैठकर ग्रामीण से बंधवाई पगड़ी, महिलाओं एवं बच्चों से किया संवाद


सुशासन तिहार अभियान के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर दिले के दौरे पर पहुंचे। नारायणपुर में अबूझमाड़ में सीएम का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। ओरछा विकासखंड के गारपा गांव में सीएम ने ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों से बातचीत की और उनका हालचाल लिया। कभी यह इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता था लेकिन अब यहां शांति है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सीएम साय का एक अनोखा अंदाज देखने को मिला। सीएम ने खाट पर बैठकर ग्रामीणों से पगड़ी बंधवाई, हाथ में टॉपी लेकर बच्चों को खिलाया। वहीं, महिलाओं से भी संवाद की। सीएम ने बच्चों से कई सवाल भी पूछे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता के उपयोग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें मिलने वाली राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं घरेलू खर्चों में कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग बचत एवं भविष्य की जरूरतों के लिए भी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से योजना की राशि का उपयोग परिवार के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में करने का आग्रह किया।

छात्रों ने सीएम के सवाल का दिया जवाब

मुख्यमंत्री साय ने गांव के बच्चों से बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य मे क्या बनना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान दो बच्चों ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की लग्न और आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

अधिकारियों को दिए निर्देश

उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास रखते हैं। यह शिक्षा, संचार और विकास की बढ़ती पहुंच का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।


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