केंद्रीय कैबिनेट के SARTHAK-PDS फेज-2 निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), GPS ट्रैकिंग, QR कोड टैगिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल सप्लाई चेन जैसी व्यवस्थाएं लागू होंगी। इससे राशन वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के पहुंचे। नई तकनीक के जरिए राशन की निगरानी आसान होगी और हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग और उचित मूल्य दुकानों के संचालन में आने वाली बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। साथ ही राशन दुकानदारों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान भी किया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2031 तक लागू रहने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों लाभार्थियों को फायदा पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि AI, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों से PDS सिस्टम में जनता का भरोसा और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना गरीबों के जीवन में सुविधा, पारदर्शिता और सुशासन को नई मजबूती देगी।
केंद्र सरकार अगले 5 साल में इस योजना पर 25,530 करोड़ रुपए खर्च करेगी. इस योजना का मकसद देशभर में राशन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाना है.
क्या है SARTHAK-PDS योजना?
सरकार ने दो बड़ी योजनाओं को मिलाकर SARTHAK-PDS नाम की नई अंब्रेला स्कीम बनाई है. यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) को और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए बनाई गई है. इसमें शामिल हैं
81 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार के मुताबिक, यह योजना देश के करीब 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी, जो NFSA के तहत राशन का लाभ लेते हैं. सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र व्यक्ति तक सही मात्रा में और समय पर खाद्यान्न पहुंचे. योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी.
राशन व्यवस्था में आएगी नई तकनीक
SARTHAK-PDS योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार राशन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेगी.
इसके जरिए -
राशन डिस्ट्रीब्यूशन की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी
शिकायत निवारण सिस्टम AI आधारित होगा
राज्यों में कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे
डेटा आधारित निगरानी की जाएगी
राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी
सिस्टम में लीकेज और गड़बड़ियों को कम किया जाएगा
डिजिटल सुधारों को मिलेगा बढ़ावा
बीते कुछ सालों में सरकार ने राशन व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें TPDS के एंड टू एंड कम्प्यूटराइजेशन, PDS का इंटीग्रेटेड मैनेजेमेंट (IM-PDS) और स्मार्ट PDS जैसी योजनाएं शामिल हैं.
इसके अलावा मेरा राशन ऐप, अन्न मित्रा, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं. 1 अप्रैल 2023 से स्मार्ट PDS योजना को तकनीक आधारित सुधारों का मुख्य आधार बनाया गया था. अब SARTHAK-PDS उसी दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है.
राज्यों को मिलेगा वित्तीय सहयोग
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्न परिवहन, हैंडलिंग और राशन दुकानदारों के कमीशन के लिए केंद्रीय सहायता जारी रखने का भी फैसला लिया है. इससे राज्यों को आर्थिक मदद मिलेगी और राशन वितरण प्रणाली को मजबूत करने में आसानी होगी.
