रायपुर में IPL टिकटों की कालाबाजारी का खुलासा, 8 हजार के टिकट 49 हजार तक पहुंचे, इंस्टाग्राम-व्हाट्सएप पर चल रहा ब्लैक मार्केट - CGKIRAN

रायपुर में IPL टिकटों की कालाबाजारी का खुलासा, 8 हजार के टिकट 49 हजार तक पहुंचे, इंस्टाग्राम-व्हाट्सएप पर चल रहा ब्लैक मार्केट


प्रदेश में IPL 2026 मैचों के टिकटों को लेकर चल रहा खेल चौंकाने वाला है। IPL, यानी Indian Premier League, भारत का सबसे लोकप्रिय क्रिकेट टूर्नामेंट माना जाता है, और हर सीजन में इसके मैचों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाकर कुछ लोग टिकटों की अवैध बिक्री में सक्रिय हो जाते हैं। मैच के महंगे टिकटों से प्रसंशक पहले ही नाराज थे, अब इसकी कालाबाजारी ने हैरान कर दिया है। एम-टिकट से टिकटों की कालाबाजारी रोकने के दावे फेल नजर आ रह हैं। जानकारी के मुताबिक, कुछ स्कैमर्स आईपीएल टिकट बुकिंग के नाम पर नकली वेबसाइट और लिंक सोशल मीडिया व इंटरनेट पर वायरल कर रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर टिकट की कीमतें सामान्य से कई गुना ज्यादा बताई जा रही हैं। कुछ मामलों में लोगों से 15 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की रकम वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

लोअर स्टैंड की आधिकारिक दर 3,500 से 5,000 के बीच तय की गई है, उसे कालाबाजारी करने वाले स्थानीय स्तर पर 7,000 से 10,000 में बेच रहे हैं। विदेशी और थर्ड पार्टी वेबसाइट्स पर तो स्थिति और भी भयावह है, जहां इन्हीं टिकटों की कीमत आसमान छूते हुए 49,548 के पार जा पहुंची है। सबसे ज्यादा मारामारी प्रीमियम कैटेगरी (स्टैंड ए और बी) के टिकटों को लेकर है। यहां टिकट की असल कीमत 8,000 रुपये के आसपास है, लेकिन ब्लैक मार्केट के सिंडिकेट ने इसे सीधे दोगुने दाम यानी 16,000 पर पहुंचा दिया है।

यह पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर “ब्लैक मार्केट” के कई स्क्रीनशॉट और चैट वायरल होने लगे। इन चैट्स में दावा किया जा रहा है कि टिकट सीमित संख्या में खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम दर्शकों के लिए स्टेडियम में मैच देखना मुश्किल हो गया है।

लोगों का कहना है कि दिनभर साइट पर डटे रहने के बावजूद टिकट हाथ नहीं लगा। जब आधिकारिक साइट पर टिकट नहीं है तो दलालों के पास कैसे पहुंच गए? वहीं अब सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफऑर्म पर ऊंचे दाम पर टिकट देने के दावे किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऊंचे दाम पर बल्क में टिकट दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। 

सोशल मीडिया बना अवैध बिक्री का जरिया

सूत्रों के अनुसार, इंस्टाग्राम पेज और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए टिकटों की अवैध बिक्री की जा रही है। इन प्लेटफॉर्म्स पर “VIP टिकट उपलब्ध”, “फाइनल स्टॉक” जैसे मैसेज भेजकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। भुगतान ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लिया जा रहा है, जिससे ट्रैक करना और भी मुश्किल हो रहा है।

टिकट बुकिंग की घोषणा से पहले ही फर्जी साइट पर चल रही थी बुकिंग

हैरानी की बात यह है कि BCCI और आयोजकों की ओर से टिकटों की विस्तृत जानकारी साझा होने से पहले ही 'viagogo.com' जैसी वेबसाइटों पर टिकटों की बिक्री शुरू हो गई। ऑनलाइन सर्च करते ही ये वेबसाइटें सबसे ऊपर दिखती थीं, जहां साउथ-ईस्ट लोअर की टिकटें 49,548 रुपये दिखा रही थीं। आधिकारिक बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में 'सोल्ड आउट' का बोर्ड लग गया, जिसने सीधे तौर पर दलालों को चांदी काटने का मौका दे दिया है।

फैंस की मांग

क्रिकेट प्रेमियों ने मांग की है कि टिकट बिक्री प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि वास्तविक दर्शकों को ही टिकट मिल सके। साथ ही ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम को और मजबूत करने की भी जरूरत बताई जा रही है।

हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा इस मामले में विस्तृत कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की जा सकती है।

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