विकसित कृषि संकल्प अभियान से सरगुजा के किसानों को मिल रहा आधुनिक तकनीकों का लाभ
खरीफ मौसम 2026 की तैयारियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के माध्यम से सरगुजा जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। 5 मई से 20 मई 2026 तक चल रहे इस अभियान ने किसानों को वैज्ञानिक खेती की दिशा में प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम प्रदान किया है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी सात विकासखंडों में अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड में प्रतिदिन दो कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस प्रकार जिले में कुल 166 कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें से अब तक 70 कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।
खरीफ पूर्व तैयारियों पर विशेष जोर
अभियान के दौरान किसानों को खरीफ सीजन से पहले आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसमें कतार बोनी, पैडी ट्रांसप्लांटर का उपयोग, कृषि मशीनीकरण, उन्नत बीजों का चयन तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी शामिल है।
किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) जैसे उर्वरकों के उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है।
प्राकृतिक खेती और जैविक उपायों को बढ़ावा
अभियान में प्राकृतिक और जैविक खेती पर विशेष बल दिया जा रहा है। किसानों को हरी खाद, केंचुआ खाद, जैव उर्वरक तथा अन्य जैविक विकल्पों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़े और खेती की लागत कम हो।
योजनाओं की जानकारी और समस्याओं का समाधान
कार्यक्रमों के दौरान किसानों को आत्मनिर्भर दलहन-तिलहन मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और एग्रीस्टैक (फार्मर आईडी) जैसी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित लंबित मामलों का भी निराकरण किया जा रहा है। अब तक 237 आवेदनों का समाधान किया जा चुका है।
विशेषज्ञ टीम दे रही गांव-गांव तकनीकी सलाह
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक विकासखंड में दो विशेषज्ञ टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिकों के साथ कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये दल ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानों के साथ कृषि-वैज्ञानिक परिचर्चा कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान दे रहे हैं।
ड्रोन तकनीक और पराली प्रबंधन की जानकारी
अभियान के अंतर्गत ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन, फसल चक्र परिवर्तन, मक्का, लघु धान्य और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान तथा मल्चर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
“विकसित कृषि संकल्प अभियान” सरगुजा जिले के किसानों को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। वैज्ञानिक सलाह और योजनाओं की जानकारी से किसान खरीफ सीजन की बेहतर तैयारी कर रहे हैं और आत्मनिर्भर कृषि की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
