नव पदस्थ कलेक्टर संतोष देवांगन कार्यभार संभालते ही जनसेवा में जुटे, सुशासन तिहार में ग्रामीणों की समस्याओं का किया निराकरण - CGKIRAN

नव पदस्थ कलेक्टर संतोष देवांगन कार्यभार संभालते ही जनसेवा में जुटे, सुशासन तिहार में ग्रामीणों की समस्याओं का किया निराकरण

 


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के नव पदस्थ कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद दूरस्थ अंचल के ग्राम पंचायत बस्ती में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं और उनके निराकरण की जानकारी ली। शिविर में कुल 708 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका विभागवार निराकरण किया जा रहा है।

कलेक्टर डॉ. देवांगन ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदन देने वाले ग्रामीणों एवं संबंधित अधिकारियों को मंच के समक्ष बुलाकर प्रत्येक प्रकरण की कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करने को कहा, ताकि लोगों को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का अनुभव हो सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से राजस्व विभाग से संबंधित मामलों ऋण पुस्तिका, पट्टा, वन अधिकार पत्र, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा सुधार और फौती नामांतरण जैसे प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए एसडीएम एवं तहसीलदार को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।

वन अधिकार पत्र से जुड़े आवेदनों के निराकरण के लिए कलेक्टर ने राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम को आवेदकों के साथ सामूहिक बैठक आयोजित कर सही जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों से भी प्राप्त आवेदनों की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने और आगामी शिविर में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा

कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणजन अपनी रोजी-रोटी छोड़कर भरोसे के साथ शिविरों में आते हैं, इसलिए उन्हें झूठा आश्वासन नहीं दिया जाना चाहिए। अधिकारियों को पात्रता, नियम एवं प्रक्रिया की सही जानकारी देते हुए आवेदकों का उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन का विश्वास जीतना और समस्याओं का व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करना है।

शिविर में विधायक प्रणव कुमार मरपची मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने पदीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है।

शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत 8 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया तथा 9 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म संपन्न कर उन्हें पौष्टिक आहार से भरे थाल भेंट किए गए। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।

जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर संचालित योजनाओं, गतिविधियों एवं प्राप्त आवेदनों की जानकारी प्राप्त की। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य बूंद कुवर मास्को, भंवर सिंह गोवास, पवन पैकरा, पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, डीएफओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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