छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत, खुद भी पोर्टल पर भर सकते हैं जानकारी; 1 मई से होगा घर-घर सर्वे - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत, खुद भी पोर्टल पर भर सकते हैं जानकारी; 1 मई से होगा घर-घर सर्वे


छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।

स्व-गणना की इस प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया गया है. परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य मात्र 15 से 20 मिनट में यह जानकारी दर्ज कर सकता है. स्व-गणना पूर्ण करने के बाद संबंधित परिवार को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा. बाद में जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तब इस आईडी के माध्यम से भरी गई जानकारी का सत्यापन कर अंतिम रूप से सबमिट किया जाएगा.

मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। 

प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे SE ID जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

ये जानकारी जुटाई जाएगी

बता दें कि प्रथम चरण के तहत 1 मई से 30 मई के बीच प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे. इसमें भवन की स्थिति, मकान का प्रकार (कच्चा, पक्का या अर्ध-पक्का), उपयोग (आवासीय, व्यावसायिक या अन्य), परिवारों की संख्या और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का विवरण शामिल रहेगा. साथ ही पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस या अन्य ईंधन तथा इंटरनेट और संचार सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी.

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