पांडुलिपि धरोहर हुई डिजिटल - ज्ञान भारतम् एप में पंजीकृत हुईं 09 दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियाँ - CGKIRAN

पांडुलिपि धरोहर हुई डिजिटल - ज्ञान भारतम् एप में पंजीकृत हुईं 09 दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियाँ


जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटल पंजीयन की दिशा में लगातार सार्थक कदम उठाए जा रहें है, जिसके तहत भैयाथान विकासखंड के ग्राम अघिना भंडार निवासी श्री मनोज कुमार  सिंह द्वारा 08 प्राचीन पांडुलिपियाँ वहीं शिवप्रसादनगर गढ़ी के श्री पार्थसारथी द्वारा 01 दुर्लभ प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान ग्रंथ को ज्ञान भारतम् एप में पंजीकृत किया गया है । 

उक्त विषय पर आज कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन द्वारा दोनों पांडुलिपि धारकों सीधा संवाद भी किया गया, इसके साथ ही उनके साथ विस्तारपूर्वक चर्चा कर पांडुलिपियों की विषयवस्तु, महत्व एवं उनसे जुड़ी जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर डॉ. मोहन साहू, जिला परियोजना अधिकारी; श्री रविंद्र सिंह देव, सहायक संचालक; श्री मनोज  कुमार सिंह एवं श्री पार्थसारथी उपस्थित रहे।

पांडुलिपि पंजीयन की प्रक्रिया - कैसे करें पंजीयन

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत संचालित इस अभियान में कोई भी नागरिक भाग ले सकता है। पांडुलिपि पंजीयन के लिए ज्ञान भारतम् एप को गुगल प्ले स्टोर अथवा एप्पल एप्प स्टोर से निःशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त census.gov.in  वेबसाइट पर जाकर भी ऑनलाइन सर्वे में भाग लिया जा सकता है। वे नागरिक विशेष रूप से आमंत्रित हैं जिनके पास अभी तक सूचीबद्ध अथवा पंजीकृत नहीं हुई पांडुलिपियाँ हैं, जिन्हें अपने समुदाय में पांडुलिपियों की जानकारी है, अथवा जो किसी ऐसी संस्था, संगठन या परिवार का प्रतिनिधित्व करते हैं जो पांडुलिपियों का संरक्षण कर रहा है।

पांडुलिपि संरक्षण हेतु जिले में व्यापक अभियान जारी हैं। कलेक्टर के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं पंजीयन हेतु जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे है। आमजन से अपील भी की जा रही है कि वे अपनी अमूल्य पांडुलिपि धरोहर को ज्ञान भारतम् एप में पंजीकृत कराएँ, ताकि यह बहुमूल्य ज्ञान-संपदा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित हो सके।

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