छत्तीसगढ़िया में अंजीर खेती से किसान कमा सकते हैं लाखों, कम लागत, डबल मुनाफा!
अंजीर की खेती भी अन्य बागवानी फसलों की तरह ही की जाती है. भारत का जलवायु इसकी खेती के लिए बेस्ट है. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अंजीर कि खेती बहुत ही कम मात्रा में होती है. ऐसे में इन दिनों मार्च का महीना चल रहा है और अंजीर के पौधे पर फल लगना शुरू हो गया है. शुष्क और गर्म जलवायु वाले क्षेत्र के लिए अंजीर कि खेती कारगर साबित हो सकती है, और किसान कम लगात में दो गुना मुनाफा कमा सकते हैं. क्योंकि अंजीर कि खेती में फल 3 सालों में आने लगते है.अभी जैसे ही अप्रैल शुरू होगा फल लगभग लगभग पकने शुरू हो जाएंगे और मई के महीने में फल पूरी तरह पक जाएगा. जिसके बाद फल को बाजारों में बेच सकते हैं. चूंकि मार्केट में अच्छे दामों में बिकने वाला फल अंजीर से किसान मोटी कमाई कर सकते है. अंजीर कि खेती को लेकर कृषि विशेषज्ञ ने किसानों को कुछ महत्वपूर्ण बाते बताई है.
पौधों की सही दूरी और गड्ढों की तैयारी जरूरी
कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि अंजीर की खेती करते समय कतार से कतार और पौधे से पौधे की दूरी लगभग 8 से 10 मीटर रखनी चाहिए. इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और उनके बीच की खाली जमीन में अन्य सब्जी वर्गीय फसलें उगाई जा सकती हैं,पौधे लगाने से पहले करीब 45 से 60 सेंटीमीटर लंबा-चौड़ा और लगभग 45 सेंटीमीटर गहरा गड्ढा तैयार करना चाहिए. इन गड्ढों को गर्मी के मौसम में बनाकर उनमें सड़ी हुई गोबर खाद और आवश्यकता अनुसार चूना डालकर 15 से 20 दिन तक खुला छोड़ देना चाहिए. इसके बाद मानसून आने पर गड्ढों में पौधे लगाकर मिट्टी से भराई कर दी जाती है.
अंजीर के फल सामान्यतः मई से अगस्त के बीच तैयार होते हैं. अप्रैल के अंत से ही फल पकना शुरू हो जाते हैं और मई के पहले सप्ताह से लेकर अगस्त–सितंबर तक किसानों को पके हुए फल मिलने लगते हैं. बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले अंजीर की कीमत करीब 2000 से 2500 रुपये प्रति किलो तक मिल सकती है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है..
स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है अंजीर
अंजीर खाना हर किसी को पसंद है. इसका सेवन करने से शरीर को प्रयाप्त मात्रा में विटामिन्स और न्यूट्रिशन मिलते हैं. अंजीर में केले के मुकाबले अधिक फाइबर पाया जाता है. चिकित्सकों का कहना है कि अंजीर विटामिन A और विटामिन B कॉम्प्लेक्स का अच्छा स्रोत है. इसमें फॉस्फोरस, पोटैशियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, सोडियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स मौजूद होते हैं. यह कब्ज रोगियों के लिए रामबाण की तरह काम करता है. इसके खाने से पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है. यही वजह है कि मार्केट में इसकी मांग हमेशा रहती है.अंजीर पोषण की दृष्टि से भी काफी फायदेमंद फल माना जाता है.यह शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति प्रदान करता है, इसकी तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए ठंड के मौसम में इसका सेवन विशेष रूप से लाभकारी होता है.जिन लोगों के शरीर में कमजोरी या खून की कमी होती है, उनके लिए भी अंजीर को उपयोगी माना जाता है.
खेती से प्रति एकड़ मिल सकता है अच्छा मुनाफा
कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक यदि किसान अंजीर की खेती करते हैं तो लागत निकालने के बाद प्रति एकड़ करीब 50 हजार रुपये तक मुनाफा कमा सकते हैं..वहीं यदि किसान पौधों के बीच की खाली जगह में सब्जी वर्गीय फसलें भी उगाते हैं, तो करीब 50 हजार रुपये तक अतिरिक्त आय हो सकती है..इस तरह दोनों फसलों को मिलाकर किसान प्रति एकड़ लगभग 1 लाख रुपये या उससे अधिक का लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
कृषि एक्सपर्ट ने बताया कि अंजीर की खेती के लिए बीज की जगह पौधे लगाना बेहतर होता है. ये पौधे बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और एक पौधे की कीमत लगभग 150 से 200 रुपये के बीच होती है.
