बजट आज: विकास, विनिर्माण व रोजगार को बढ़ावा देने पर रहेगा फोकस, महिलाओं, युवाओं और मिडिल क्लास को खास उम्मीद
मोदी सरकार के इस बजट से किसानों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को भी बड़ी उम्मीद हैं. माना जा रहा है कि यूनियन बजट 2026 भारत के विकसित भारत विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज केंद्रीय बजट (Budget 2026-27) पेश करेंगी. यह उनका लगातार रेकॉर्ड 9वां बजट होगा. स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब रविवार के दिन बजट पेश होने जा रहा है। इसमें रोजगार, विनिर्माण और वैश्विक व्यापारिक तनाव से बचाव के उपाय शामिल होने की उम्मीद है। इस बार के बजट में विशेष तौर पर ऐसे उपायों पर नजर होगी, जो अमेरिकी टैरिफ समेत वैश्विक व्यापारिक संघर्षों से अर्थव्यवस्था को बचा सकते हैं। सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश करेंगी. बजट 2026-27 से पहले टैक्सपेयर्स की निगाहें इनकम टैक्स से जुड़े ऐलानों पर टिकी हैं. पिछले साल सरकार ने नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री किया था. इसके अलावा गिग वर्कर भी इस बजट से कुछ खास उम्मीद कर रहे हैं.
सूत्रों के मुताबिक, बजट 2026-27 सिर्फ वित्तीय अनुमान नहीं, बल्कि 'विकसित भारत 2047' का एक विजन डॉक्यूमेंट भी बनने जा रहा है. इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए पार्ट-B पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है, जो देश के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्य और स्ट्रैटेजिक रोडमैप को परिभाषित करेगा. सूत्रों के मुताबिक, इस बार पार्ट-B का फोकस विकसित भारत के विजन 2047 पर होगा, जिसमें लोकल पावर को विश्व स्तर पर खड़ा करना, ग्लोबल सप्लाई चेन में भागीदारी, कौशल, रोजगार और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीतियां शामिल होंगी.
आजादी के बाद से यह पहली बार होगा कि आम बजट रविवार को पेश किया जाएगा। बजट ऐसी चुनौतियों के बीच पेश किया जा रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50% टैरिफ लगाया है, घरेलू मांग में स्थिरता बनी हुई है और वैश्विक अननिश्चितताएं आगे की राह को धूमिल कर ही हैं। जीएसटी की दरों में कटौती से रकारी राजस्व में कमी आई है, जिससे वित्त बी के पास अर्थव्यवस्था को सहारा देने के कल्प सीमित हो गए हैं।
रिकॉर्ड दर्ज करेंगी सीतारमण
इन सभी चिजों के बीच सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौ बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने 10 बार और पी चिदंबरम ने 9 बार बजट पेश किया, लेकिन दोनों नेताओं ने ही अलग-अलग कार्यकालों में ऐसा किया है। इसलिए भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई वित्त मंत्री लगातार नौ बार बजट पेश करेगा।
सभी वर्गों को है उम्मीद
मोदी सरकार के इस बजट से किसानों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को भी बड़ी उम्मीद हैं. माना जा रहा है कि मोदी सरकार बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और बुजुर्गों को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है.
मिडिल क्लास : मिडिल क्लास को सबसे उम्मीद इनकम टैक्स (Income Tax Exemption) में छूट से है. इसके अलावा टैक्स स्लैब में बदलाव, होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली डिडक्शन की सीमा बढ़ाने की भी उम्मीद है ,ताकि घर खरीदना सस्ता हो सके.
महिलाएं : महिलाओं को उम्मीद है कि उज्ज्वला योजना जैसी स्कीमों का दायरा बढ़ेगा और महिला उद्यमियों के लिए सस्ते लोन की व्यवस्था होगी. इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं के लिए टैक्स में विशेष छूट की भी मांग है.
युवा: युवाओं की नजर मुख्य रूप से रोजगार के नए अवसरों और स्टार्टअप्स के लिए मिलने वाली सरकारी मदद पर है. वे एजुकेशन लोन (Education Loan) पर ब्याज दरों में कमी और स्किल डेवलपमेंट के लिए बड़े बजट की उम्मीद कर रहे हैं.
किसान: किसानों को PM-Kisan योजना की राशि बढ़ाए जाने और खाद-बीज पर सब्सिडी जारी रहने की उम्मीद है. साथ ही, वे फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कदम चाहते हैं.
