बिना घर पहुंचे ऑनलाइन काटे जा रहे बिजली बिल बकायादारों के कनेक्शन
बिजली बिल की वसूली के लिए विद्युत विभाग ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है।अब बकायेदार बिना बिजली भुगतान के बिजली का उपयोग नहीं कर पाएंगे। पारदर्शी व गुणवत्तापरक बिजली खर्च व समय पर भुगतान करने की व्यवस्था आपके घर पर लगे स्मार्ट मीटर में दी गई है। खास बात यह भी है कि बकायेदारी पर कनेक्शन काटने लाइनमैन नहीं जाएगा। खंभा से लाइन भी पड़ी रहेगी। स्मार्ट मीटर भी उपभोक्ता के मकान की दीवार पर चिपका रहेगा। लेकिन घर की बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। बकायादारों के खिलाफ विभाग अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। स्मार्ट मीटर और आनलाइन जीपीएस सिस्टम के जरिए अब विभाग को लाइन काटने के लिए उपभोक्ता के घर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। दफ्तर में बैठकर एक क्लिक करते ही बकायादारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई का असर यह हुआ कि लाइन कटते ही उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल लाखों रुपये का बकाया जमा कर अपनी बिजली बहाल कराई।
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब राहत की कोई गुंजाइश नहीं बची है. बिजली विभाग ने साफ कर दिया है कि ड्यू डेट तक बिल जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी,भले ही राशि कम हो या ज्यादा. घरेलू उपभोक्ताओं समेत सभी श्रेणियों के बकायादार अब विभाग की सख्त कार्रवाई के दायरे में हैं. धमतरी संभाग में बकाया वसूली अभियान के तहत विद्युत विभाग ने जीपीएस सिस्टम से लाइन विच्छेदन की बड़ी कार्यवाही की है। इस अभियान के दौरान संभाग के कुल 274 ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑनलाइन काट दिए गए, जिन पर 14.17 लाख रुपये की राशि बकाया थी। विभाग की इस सख्ती का असर तुरंत देखने को मिला। कनेक्शन कटते ही 178 उपभोक्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए कुल 10.40 लाख रुपये की राशि जमा की। जैसे ही राशि जमा हुई, सिस्टम के माध्यम से उनकी बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी गई।
विभाग ने उपभोक्ताओं को दी चेतावनी
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि चाहे जितनी भी कम क्यों न हो, यदि ड्यू डेट तक भुगतान नहीं हुआ तो बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई तय है. विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि परेशानी से बचने के लिए समय पर बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करें. बिजली विभाग ने दो टूक कहा है कि उपभोक्ता को केवल समय पर भुगतान करना है. विभाग कभी अतिरिक्त या जबरन वसूली नहीं करता, लेकिन यदि बिल की राशि कम होने के बावजूद तय तिथि तक भुगतान नहीं किया गया, तो कनेक्शन काटने से किसी को नहीं बचाया जाएगा.
