नक्सलियों के लिए आने वाले तीन महीने सबसे घातक, तेज होगा नक्सलऑपरेशन - CGKIRAN

नक्सलियों के लिए आने वाले तीन महीने सबसे घातक, तेज होगा नक्सलऑपरेशन


नक्सलवाद के खात्मे का काउन्ट डाउन शुरू हो गया. 31 मार्च तक का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, और आने वाले अगले तीन महीने बेहद अहम माने जा रहे हैं. इसके चलते सुरक्षाबलों का ऑपरेशन और घातक होने वाला है. छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ ऑपरेशन तेज हो गया है. 31 मार्च डेडलाइन रखी गई है. सुरक्षाबल इससे पहले ही नक्सलियों का सफाया करने के लिए तैयार हैं. नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है.  छत्तीसगढ़ में  एक बड़े अभियान की शुरुआत की गई. जिसमें जवानों के टारगेट पर देश के टॉप नक्सली है.जिनके खात्मे के बाद नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. सुरक्षा बल के जवानों को गृह मंत्रालय से टारगेट पर सीधा वार करने का आदेश मिला है. जिसे 31 मार्च 2026 से पहले तय करना है. ऐसे में सेंट्रल फोर्सेस की गतिविधि जंगल में और भी तेज हो गई.  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बस्तर बनाने की डेडलाइन तय की है। अब इस तारीख तक सिर्फ 90 दिन बचे हैं। 2025 में नक्सलवाद पर बड़ा अभियान चलाया गया।

एसपी बीजापुर डाक्टर जितेंद्र यादव के अनुसार,  वैक्यूम इलाके, जहां पहले नक्सलियों का प्रभाव रहा है. वहां फोर्स की तैनाती बढ़ाई जाएगी. खासतौर पर अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों पर ऑपरेशन को तेज किया जाएगा, ताकि नक्सलियों की आवाजाही, सप्लाई लाइन और सुरक्षित ठिकानों को पूरी तरह तोड़ा जा सके. अगले तीन महीनों के टाइम में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन और अधिक आक्रामक  होगा, ताकि बचे हुए नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके.

एसपी बीजापुर ने आगे कहा कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस डेवलपमेंट ब्लॉक क्षेत्रों को नक्सल-मुक्त घोषित करना है. इसके तहत न केवल सर्च और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन चलाए जाएंगे, बल्कि स्थायी सुरक्षा कैंप, सड़क, संचार और प्रशासनिक पहुंच को भी मजबूत किया जाएगा. उद्देश्य यह है कि किसी भी इलाके में दोबारा नक्सलियों को पनपने का मौका न मिले.

सुकमा में 26 हार्डकोर सक्रिय नक्सलियों का सरेंडर

सुकमा में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता सामने आई है, जहां 7 महिलाओं सहित कुल 26 हार्डकोर सक्रिय नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है. इन सभी नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था. सरेंडर करने वाले नक्सली माड़ डिविजन, पीएलजीए और जिले के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे. ज्यादातर सुकमा, उड़ीसा व माड़ क्षेत्र की कई नक्सली घटनाओं में शामिल रह चुके हैं. इस मौके पर एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा और बाकी बचे नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई है.

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