मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: 330 गांवों में पहली बार चली बस, 200 बसों के संचालन का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है. यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहां अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है। अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है. इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गांवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुंची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. प्रदेश में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 बसें संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के माध्यम से ऐसे सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा जाएगा, जहां अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना-2025 के अंतर्गत बस संचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही अधिकतम तीन वर्षों तक मासिक कर में पूर्ण छूट दी जा रही है, ताकि कम यात्री वाले ग्रामीण मार्गों पर भी नियमित बस संचालन संभव हो सके। योजना के तहत अब तक 12 नए ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि अन्य मार्गों पर सेवाएं शुरू करने की तैयारी जारी है।
अब तक कहां-कहां दौड़ रही बसें
वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है. इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएं मंगवाई गई है. जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 और अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है. इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं.
