रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू... सरकार ने जारी की अधिसूचना !, 23 तारीख से होगी लागू - CGKIRAN

रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू... सरकार ने जारी की अधिसूचना !, 23 तारीख से होगी लागू

 


छत्तीसगढ़ शासन ने राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार की पूर्व घोषणा का हिस्सा था और अब इसे धरातल पर उतारा जा रहा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून‑व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने रायपुर शहर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है. यह नई व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी. बढ़ती आबादी, अपराध के मामलों, ट्रैफिक दबाव और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था 23 जनवरी से लागू की जा रही है, जबकि आज इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी हो गई है।

रायपुर नगर क्षेत्र बनेगा पुलिस कमिश्नरेट

अब रायपुर नगर निगम क्षेत्र आधिकारिक तौर पर पुलिस कमिश्नरेट होगा. करीब 19 लाख की शहरी आबादी वाले इस क्षेत्र में कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को अधिक अधिकार और स्वतंत्रता दी गई है. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी.

रायपुर कमिश्नरी में शामिल किए गए ये 21 शहर थाने

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में शहर के सिविल लाइन, देवेंद्रनगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोलबाजार, पुरानी बस्ती, डीडीनगर, आमानाका, आजादचौक, सरस्वतीनगर, टिकरापारा, कबीरनगर, राजेंद्रनगर, मुजगहन (सेजबहार), उरला (बिरगांव नगर निगम में आने वाला क्षेत्र), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारीड पुलिस थाना क्षेत्र को रायपुर कमिश्नरी में शामिल किया गया है।

रायपुर ग्रामीण जिला रहेगा कमिश्नरेट से बाहर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला इस कमिश्नरेट व्यवस्था के दायरे में नहीं आएगा. बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद और अन्य ग्रामीण थाना क्षेत्रों में पहले की तरह पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी.

मजिस्ट्रेटी अधिकार भी सौंपे गए

अधिसूचना के अनुसार पुलिस आयुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कई मजिस्ट्रेटी अधिकार दिए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

• धारा 144 लागू करने का अधिकार

• जुलूस, धरना और सार्वजनिक सभाओं की अनुमति या प्रतिबंध

• निषेधाज्ञा और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना

• आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेना

पहले ये अधिकार जिला कलेक्टर और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के पास होते थे।

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