करीब 30 लाख से ज्यादा राशनकार्ड धारकों ने नहीं कराया ई-केवाईसी
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों में से 2.3 करोड़ यानी 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवाईसी का काम पूरा हो चुका है।
30 लाख से ज्यादा लोगों की केवाईसी नहीं
अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं करवाई है। अधिकारियों ने कहा कि जिन राशनकार्ड धारकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है उन्हें आगे राशन मिलने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में समय रहते जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी करवा लें।
कैसे कर सकते हैं ई-केवाईसी
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप के माध्यम से भी ई-केवाईसी किए जा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारी अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं।
लगभग 2.73 करोड़ लोग खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।
