जनसंपर्क अधिकारी के साथ अभद्रता पर होगी कड़ी कार्रवाई, मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने दिलाया भरोसा
जनसंपर्क विभाग को सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु माना जाता है। शासकीय जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभा रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी पर पत्रकारिता की आड़ में कार्यालय में घुसकर हमला करना और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क विभाग के संवाद
दफ्तर में मीडिया का हवाला लेकर कुछ ब्लैकमेलरों द्वारा अफसर के साथ अभद्र व्यहार और तोडफ़ोड़ के मामले ने तुल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। वहीं उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ ब्लैक मेलर और गैर पत्रकार खुद को मीडिया कर्मी बताकर दफ्तर में घुस रहे हैं। इसलिए भी असुरक्षा का वातावरण पैदा हो गया है। इससे अधिकारी और कर्मचारियों का मनोबल भी गिरा है। बता दें की इस तरह की घटनाएं केवल जनसंपर्क विभाग में ही नहीं बल्कि अन्य विभागों में भी सामने आई है । दरअसल, संवाद दफ्तर में अपर संचालक संजीव तिवारी के साथ अभद्र व्यहार को लेकर प्रशासनिक महकमा उद्वेलित हो गया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन और जनसंपर्क अधिकारी संघ के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव से मुलाकात की। वही उन्हें पुरी घटनाक्रम से अवगत कराया है। अपर संचालक के साथ हुई अभद्रता, झुमाझटकी गाली गलौज और तोडफ़ोड़ की घटना के विरोध में अधिकारियों ने ज्ञापन भी सौंपे हैं । वही यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना केवल एक सरकारी अफसर पर हमला नहीं है, बल्कि यह शासन और प्रशासन की संस्थागत गरिमा पर सीधा प्रहार है। पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। जिसे रोकना और उन पर करवाई करना बहुत जरुरी हो गया है. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि अभद्रता करने वाले तत्वों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न मामलों में कार्रवाई की गई है और दंडात्मक प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ लेकर अधिकारियों को खुलेआम धमका रहे हैं जिन पर कड़ी कारवाई आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया की निश्चिन्त रहे, कार्रवाई अवश्य होगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और राज्य सरकार इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वह इस मामले में अवश्य कड़ी कार्रवाई करेंगे। वह पूरी तरह निश्चिंत रहें। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत में नहीं नहीं बक्शा जायेगा। राज्य सरकार इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। गौरतलब है कि इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमें में दहशत का माहौल है।
छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रवक्ता एवं छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा कि शासकीय कार्यालय में घुसकर हिंसक व्यवहार, झूमा-झटकी, गाली-गलौज और घर जाकर मारने की धमकी देना किसी भी सुसंस्कृत समाज में अस्वीकार्य है। ऐसी घटनाएँ पूरे विभाग में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करती हैं, जिससे अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है और शासन-प्रशासन की कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक जे. एल. दरियो, उमेश मिश्रा, संयुक्त संचालक पवन गुप्ता, उपसंचालक घनश्याम केशरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
