छत्तीसगढ़: 2025 में रिकॉर्ड तोड़ नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरकार की नई आत्मसमर्पण नीति से हो रहे प्रभावित
छत्तीसगढ़ में साल 2025 में एक हजार से ज्यादा नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है. इस साल में इनके सरेंडर करने की संख्या सबसे ज्यादा है. छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे को लेकर सुरक्षा बलों की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल सबसे ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है. सरकार की तरफ से मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने के पीछे की तीन वजहें हैं, इनमें सरकार की नई आत्मसमर्पण नीति, सुरक्षा बलों की व्यापक कार्रवाई और माओवादी नेतृत्व में आंतरिक मतभेद शामिल हैं. हाल ही में 8 अक्टूबर को, नारायणपुर जिला पुलिस के सामने 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, इन पर कुल 48 लाख रुपये का इनाम रखा गया था.
सरकार की तरफ से 31 मार्च, 2026 तक का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में सुरक्षा बलों की तरफ से इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा संख्या में साल 2025 में नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इस साल अब तक कुल 1,040 नक्सलियों ने हथियार सहित आत्म समर्पण किया है. पिछले साल यानी साल 2024 में कुल 881 नक्सलियों ने सरेंडर किया था. साल 2024 की तुलना में इस साल इनके सरेंडर करने की संख्या में बढ़त हुई है. ये बढ़त केंद्र और राज्य के सुरक्षा बलों की तरफ से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सतत और संयुक्त अभियान की वजह से हुआ है.
पिछले दो सालों यानी साल 2023 और 2024 में इनके आत्मसमर्पण की संख्या में तेजी आई है. वहीं 2020 में 344, 2021 में 544, 2022 में 417 और 2023 में 414 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. यह आंकड़ा दर्शाता है कि माओवादी आंदोलन कमजोर पड़ रहा है और सुरक्षा बलों की रणनीति प्रभावी हो रही है.
