सीएम साय के सामने 140 से ज्यादा नक्सली करेंगे सरेंडर
पिछले कुछ महीनों में बस्तर में लगातार सुरक्षा बलों की सफलता और नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने संकेत दिया है कि अब बस्तर का जनमानस विकास की ओर बढ़ना चाहता है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद कई बार कह चुके हैं कि बस्तर का भविष्य अब बंदूक से नहीं, विकास से तय होगा. छत्तीसगढ़ अपने राज्य स्थापना के 25 साल पूर्ण करने जा रहा है. प्रदेश ने हर क्षेत्र में चौतरफा विकास किया है. नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी समस्या रही है. फोर्स के एंटी नक्सल ऑपरेशन और राज्य सरकार की नई नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का ऐसा असर दिख रहा है कि नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर कर रहे हैं. बस्तर में कुल 140 नक्सली एक साथ सरेंडर कर सकते हैं. बस्तर पुलिस के मुताबिक नक्सली नेता रूपेश के नेतृत्व में 140 से अधिक नक्सली शुक्रवार 17 अक्टूबर को जगदलपुर में सरेंडर करेंगे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा के सामने आत्मसमर्पण करेंगे. यह सरेंडर न केवल एक सुरक्षा उपलब्धि मानी जा रही है बल्कि इसे बस्तर में लाल आतंक से मुक्ति का प्रतीकात्मक संकेत भी बताया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जगदलपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा के सामने सभी माओवादी आधिकारिक रूप से हथियार डालकर आत्मसमर्पण करेंगे। पुलिस की ओर से इस समर्पण को लेकर लगातार गोपनीयता बरती जा रही है। इस सामूहिक आत्मसमर्पण के साथ माओवादी संगठन का दंडकारण्य नेटवर्क अब लगभग पूरी तरह कमजोर पड़ चुका है। भूपति के समर्पण ने माओवाद के उस वैचारिक ढांचे को हिला दिया है, जो दशकों से संगठन की रीढ़ माना जाता था।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों के सरेंडर पर कहा, बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर करने को तैयार हैं. हम नक्सलियों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे. जगदलपुर में ऑफिसियल सरेंडर अनाउंस होंगे. कल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साव के सामने रूपेश और उसके साथी सरेंडर करेंगे. इसकी तैयारी में पुलिस महकमा जुटा हुआ है. गृहमंत्री शर्मा ने कहा, बस्तर की जनता लाल आतंक नहीं चाहती.
