माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
नवा रायपुर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा की ओर से तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह और बहू ऐश्वर्या सिंह समेत प्रदेशभर से महिलाएं और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन आज इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के बीच तीज मिलन का अवसर अत्यंत सुखद और आत्मीय है। मुख्यमंत्री निवास में भी तीज के अवसर पर प्रदेशभर से आई बहनों के साथ पर्व का उल्लास साझा करने का अवसर मिला था। हमारी परंपराओं की यही खूबसूरती है कि वे हमें परिवार और समाज से जोड़ती हैं तथा आपसी प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती हैं।
सीएम साय ने कहा कि आज यहां छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही समाज में माताओं का विशेष महत्व रहा है। त्रेता युग हो, द्वापर युग हो या सतयुग, हर काल में नारी के सम्मान को महत्व दिया गया है। हमारी सरकार भी माताओं-बहनों के सम्मान और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
ढाई साल में बनाए गए 18 लाख से अधिक आवास
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। ढाई साल में छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक आवास बनाए गए हैं। हर परिवार तक बिजली, नल का पानी और गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। देश ने पहले भी महामारियों का सामना किया है, लेकिन उस समय वैक्सीन के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अपनी वैक्सीन तैयार की और 140 करोड़ देशवासियों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया गया।
बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके 15 वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में व्यापक कार्य हुए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाकर जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था विकसित की गई, जिसके कारण डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में ‘चाउंर वाले बाबा’ के नाम से भी पहचान मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
13.85 लाख लखपति दीदियां बनीं महिला सशक्तिकरण की नई पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुखद तस्वीर है।
उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल और बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी न केवल परिवारों को समृद्ध बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
