एलपीजी यूजर्स के लिए अपने सिलेंडर की ई-केवाईसी पूरा करने के लिए आखिरी मौका
छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में रसोई गैस का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण खबर है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी यानी आधार सत्यापन कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 23 अगस्त 2026 कर दिया है. मंत्रालय और गैस कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह ग्राहकों को दी गई आखिरी मोहलत है. इसके बाद तिथि में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा. निर्धारित समयावधि तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह बंद कर दी जाएगी और उनकी गैस सब्सिडी भी रोक दी जाएगी.
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्यभर में लगभग 6 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने अब तक अपना सत्यापन नहीं कराया है. यही स्थिति देश के अन्य राज्यों में भी बनी हुई है. प्रदेश में एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडियन ऑयल के करीब 70 लाख उपभोक्ता हैं. अकेले राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 7 लाख उपभोक्ताओं में से 50 हजार से ज्यादा ग्राहकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया अभी भी लंबित है. इसे देखते हुए संबंधित गैस एजेंसियां लगातार पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस (SMS) भेजकर ग्राहकों को अलर्ट कर रही हैं.
गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स और एजेंसियों के अनुसार, ई-केवाईसी न कराने वाले ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. यदि 23 अगस्त तक सत्यापन नहीं होता है, तो ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा) कमर्शियल दरों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. रायपुर में वर्तमान में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 1014 रुपये है, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की दर 2965 रुपये है. उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी के कारण यह समय-सीमा मार्च 2026 से लगातार बढ़ाई जाती रही है, जिसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है.
