मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल से ग्रामीणों को घर के नजदीक मिल रही डिजिटल बैंकिंग की सुविधा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच के अनुरूप शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में सुकमा जिले में ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की पहल की गई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में जिले के 39 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के ग्राम स्तरीय उद्यमियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए गए हैं।
जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने शुक्रवार को ग्राम स्तरीय उद्यमियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए। इस सुविधा के शुरू होने से अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर स्थित बैंक शाखाओं तक जाने की जरूरत नहीं होगी।
बैंक अब गांव की चौखट पर
जिला प्रशासन के मुताबिक अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से जुड़े ग्राम स्तरीय उद्यमियों को माइक्रो एटीएम दिए गए हैं। इससे ग्रामीण अपने नजदीकी केंद्र पर पहुंचकर जरूरी बैंकिंग लेन-देन कर सकेंगे। खासकर सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में यह सुविधा लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
धान की रकम भी गांव में
माइक्रो एटीएम से किसान धान बिक्री से मिली राशि समेत सरकारी योजनाओं से खातों में पहुंचने वाली रकम निकाल सकेंगे। इसके लिए हर बार बैंक शाखा तक जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय, किराया और रोजमर्रा के काम का नुकसान बचाने में मदद मिलेगी।
छोटी जरूरत के लिए नहीं लगानी दौड़
ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं की दूरी अक्सर लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती है। छोटी रकम निकालने के लिए भी पूरा दिन खर्च हो जाता है। माइक्रो एटीएम इस परेशानी को कम कर सकता है। जरूरत के हिसाब से गांव में ही नकद निकासी की सुविधा मिलेगी।
आधार पेमेंट में भी राहत
ऐसे हितग्राही जिनका आधार आधारित भुगतान सिस्टम सक्रिय नहीं है, वे भी माइक्रो एटीएम के जरिए आवश्यक राशि निकाल सकेंगे। इससे बैंकिंग सुविधा उन लोगों तक भी पहुंचाने की कोशिश है, जो डिजिटल वित्तीय व्यवस्था से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
डिजिटल बैंकिंग को गांव तक धक्का
प्रशासन का दावा है कि माइक्रो एटीएम से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग का नेटवर्क मजबूत होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र अब केवल ऑनलाइन सेवाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ग्रामीणों के लिए बैंकिंग का स्थानीय माध्यम भी बनेंगे।
उद्यमियों को दी गई ट्रेनिंग
माइक्रो एटीएम बांटने के साथ ग्राम स्तरीय उद्यमियों को इसके संचालन की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में लेन-देन की प्रक्रिया और ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़े जरूरी निर्देश दिए गए।
सुकमा में बदल रही बैंकिंग की तस्वीर
दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग सुविधा पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहा है। 39 केंद्रों पर माइक्रो एटीएम की शुरुआत इसी चुनौती को कम करने की कोशिश है। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था कितनी तेजी से ग्रामीणों की रोजमर्रा की बैंकिंग जरूरतों का स्थायी समाधान बनती है।
