छत्तीसगढ़ में यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है बड़ा असर ; बस ऑपरेटरों ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग
छत्तीसगढ़ में डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। राज्य के बस ऑपरेटरों ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपकर बस किराया संशोधित करने की मांग उठाई है। महासंघ का कहना है कि प्रदेश में आखिरी बार वर्ष 2021 में यात्री किराए में संशोधन किया गया था। इसके बाद से डीजल, वाहन रखरखाव और अन्य संचालन खर्च लगातार बढ़ते गए, लेकिन किराया उसी अनुपात में नहीं बढ़ाया गया। संगठन के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में डीजल के दाम कई बार बढ़ चुके हैं, जिससे बस संचालन आर्थिक रूप से कठिन हो गया है।
बस संचालकों ने बताया कि सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि टायर, बीमा, स्पेयर पार्ट्स, बस बॉडी निर्माण और कर्मचारियों के वेतन तक में भारी वृद्धि हुई है। वहीं सरकार द्वारा फिटनेस, सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसे सुरक्षा नियम लागू करने से अतिरिक्त खर्च भी बढ़ा है। महासंघ ने सामान्य बसों के किराए में 50 प्रतिशत और एसी व डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग रखी है। संगठन का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में 90 प्रतिशत से ज्यादा बस ऑपरेटर आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो रायपुर से जगदलपुर का किराया 600 रुपए से बढ़कर 700 से 750 रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं रायपुर-दुर्ग रूट पर किराया 50 रुपए से बढ़कर करीब 75 रुपए होने की संभावना जताई जा रही है। महासंघ ने सरकार से यह भी मांग की है कि डीजल की कीमतों के आधार पर बस किराए में समय-समय पर स्वतः संशोधन की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि परिवहन व्यवसाय को स्थिरता मिल सके।
