रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले कर्मचारी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वाहन चालक और हेल्पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ये सभी कर्मचारी रामकी कंपनी के तहत कार्यरत हैं और अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे काम बंद रखेंगे। हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने और नागरिकों को असुविधा होने की आशंका है।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह प्रभावित
हड़ताल के चलते रायपुर में घर-घर जाकर कचरा उठाने की व्यवस्था बाधित हो सकती है। कर्मचारियों के कार्य बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर देखने को मिलेगा। नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में कचरा समय पर नहीं उठाए जाने की स्थिति बन सकती है, जिससे नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
कंपनी और कर्मचारियों के बीच बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, रामकी कंपनी की ओर से कर्मचारियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि “काम नहीं तो भुगतान नहीं” के सिद्धांत पर कार्रवाई की जाएगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। विवाद बढ़ने के बाद कर्मचारी कंपनी गेट पर एकत्र हो गए और वहीं पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रायपुर के 70 वार्डों पर पड़ सकता है असर
रामकी कंपनी के ये कर्मचारी रायपुर नगर निगम क्षेत्र के लगभग 70 वार्डों में कचरा संग्रहण का कार्य संभालते हैं। ऐसे में हड़ताल लंबे समय तक चलने पर शहर के बड़े हिस्से में सफाई व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। कचरा न उठने की स्थिति में कई इलाकों में गंदगी और कचरे के ढेर लगने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
नागरिकों पर बढ़ेगा स्वास्थ्य संबंधी खतरा
सफाई व्यवस्था बाधित होने से रायपुर के कई क्षेत्रों में घरेलू कचरा समय पर नहीं उठ पाएगा। इससे न केवल स्वच्छता प्रभावित होगी, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो संक्रमण और बीमारियों के फैलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
हड़ताल के कारण नगर निगम और प्रशासन के सामने सफाई व्यवस्था को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हुई हैं।
