छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी से बदला स्कूलों का टाइम टेबल,अब सुबह जल्दी लगेंगी कक्षा
School Time Change: जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के संचालन समय में बदलाव का फैसला लिया है।
छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर जिले में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के संचालन समय में बदलाव का फैसला लिया है। आदेश के अनुसार, 11 अप्रैल 2026 से जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालय सुबह 07:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे।
बढ़ती गर्मी के बीच लिया गया निर्णय
जिले में लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली व्यवस्था को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में स्कूल संचालन बच्चों के लिए न केवल असुविधाजनक साबित हो रहा है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। इस समय लू लगने और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे अधिक रहता है, खासकर छोटे बच्चों के लिए। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों के समय में बदलाव का निर्णय
परीक्षा कार्यक्रम के चलते पहले था अलग समय
वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की परीक्षाएं, कक्षा पहली से पांचवीं एवं छठवीं से आठवीं तक की बोर्ड एवं स्थानीय वार्षिक परीक्षाएं प्रातः पाली में संचालित की जा रही हैं। इसके चलते कक्षा नवमी और ग्यारहवीं की परीक्षाएं द्वितीय पाली यानी दोपहर में आयोजित की जा रही थीं। यह परीक्षा क्रम 10 अप्रैल 2026 को समाप्त हो जाएगा।
11 अप्रैल से लागू होगा नया समय
परीक्षाओं के समापन के बाद 11 अप्रैल से सभी विद्यालय पुनः निर्धारित नए समयानुसार संचालित होंगे। सुबह की पाली में कक्षाएं आयोजित होने से विद्यार्थियों को गर्मी के प्रभाव से काफी हद तक राहत मिलेगी और पढ़ाई का माहौल भी बेहतर रहेगा।
छात्रों और शिक्षकों को दी गई सावधानी की सलाह
जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को गर्मी और लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे परिसर में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें, साथ ही बच्चों को धूप से बचाने के लिए जरूरी उपाय अपनाएं। बढ़ती गर्मी के मद्देनजर लिया गया यह निर्णय विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम कदम माना जा रहा है। सुबह के समय स्कूल संचालन से न केवल लू के खतरे को कम किया जा सकेगा, बल्कि बच्चों की नियमित पढ़ाई भी बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी।
