महतारी वंदन योजना के लिए ई केवाईसी - तपती धूप में सीएससी केंद्र पहुंच रहीं महिलाएं - CGKIRAN

महतारी वंदन योजना के लिए ई केवाईसी - तपती धूप में सीएससी केंद्र पहुंच रहीं महिलाएं


महतारी वंदन योजना के सभी पात्र हितग्राहियों 30 जून 2026 तक ई-केवाईसी हर हाल में करवाना होगा. केवाईसी नहीं होने की स्थिति में योजना के राशि से महिलाएं वंचित हो सकती हैं. आपको बता दें इस योजना से मिलने वाले 1000 रुपए की राशि महिलाओं के लिए बड़ा संबल है. खासतौर पर निचले तबके की जरूरतमंद महिलाएं इस राशि का सदुपयोग कर रही हैं, लेकिन बार-बार की सरकारी प्रक्रिया से वह परेशान भी हैं. चर्चा यह भी है कि बार-बार होने वाली इन प्रक्रियाओ को पूर्ण न कर पाने वाली महिलाओं का नाम कट जाएगा. इसलिए महिलाओं को नियमित अंतरालों पर इस प्रक्रिया से गुजरने की अनिवार्यता लागू की जाती है.

कैसे करवाना होगा ई-केवाईसी ?

ई-केवाईसी का काम चिन्हांकित सीएससी केंद्रों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आईडी के माध्यम से निःशुल्क किया जाएगा. ई-केवाईसी की सुविधा के लिए सभी चॉइस या सीएससी केंद्रों में लैपटॉप एवं बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं. सरकार महतारी वंदन की राशि जारी तो कर रही है, लेकिन इसके लिए समय-समय केवाईसी की अनिवार्यता लागू की गई है. इससे महिलाएं परेशान हो रही हैं. च्वाइस सेंटर पहुंचने वाली महिलाएं कह रहे हैं कि उन्हें बार-बार के इन प्रक्रियाओं से समस्या आ रही है.

आधार कार्ड और पंजीयन नंबर है अनिवार्य

महिलाओं का कहना है कि पैसे तो शासन से मिल रहे हैं. लेकिन ई केवाईसी करने में बार-बार झंझट हो रही है.पुराने शहर की निवासी सुधा सिंह का कहना है कि इससे हम परेशान हो रहे हैं.

यह दो दस्तावेज हैं अनिवार्य

वर्तमान में चल रही इस प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड और महतारी वंदन योजना का जो पंजीयन नंबर है. उसे अनिवार्य तौर पर लाने को कहा जा रहा है. प्रक्रिया सरल जरूर है, लेकिन बार-बार चॉइस सेंटर और आंगनबाड़ी के चक्कर लगाने से महिलाएं कहीं न कहीं परेशान जरूर हो रही हैं. हालांकि प्रक्रिया बेहद सरल है, किसी तरह का दस्तावेज लाने की भी आवश्यकता नहीं है.

हितग्राही से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा रहा है. हमें सरकार की तरफ से कमीशन किसी प्रकार के प्रिंटआउट या आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करने की आवश्यकता भी नहीं है. यदि किसी हितग्राही को अपनी महतारी वंदन योजना आईडी की जानकारी नहीं है. तो वह अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. कई बार हितग्राही अपने पंजीयन क्रमांक के बिना ही आ रहे हैं.यही एक छोटी सी परेशानी है. हितग्राही को अपना पंजीयन क्रमांक पता होना चाहिए- लोक सेवा केंद्र संचालक


Previous article
This Is The Newest Post
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads