छत्तीसगढ़ में अब विवाह पंजीयन हुआ अनिवार्य, 29 जनवरी 2016 के बाद की शादियों का पंजीयन जरूरी - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ में अब विवाह पंजीयन हुआ अनिवार्य, 29 जनवरी 2016 के बाद की शादियों का पंजीयन जरूरी

 


छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में अब सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है. इस संबंध में विधि और विधायी कार्य विभाग द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है. यह नियम उन सभी दंपतियों पर प्रभावी होगा, जिनका विवाह 29 जनवरी 2016 या उसके बाद संपन्न हुआ है. जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ आनंद विवाह पंजीयन नियम, 2016’ की शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अब विवाह का पंजीकरण कराना कानूनी रूप से जरूरी होगा. राज्य सरकार का इसके पीछे का उद्देश्य फर्जी और दिखावटी शादियों पर रोक लगाने की है। इससे बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर नियंत्रण होगा और महिलाओं के कानूनी अधिकार मजबूत होंगे। विवाह का पंजीयन नगर निगम, नगर पालिका, जनपद पंचायत या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कराया जा सकता है। नगर निगम क्षेत्राें में रहने वाले निगम कार्यालय में करा सकते हैं।

इसका सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिलेगा, क्योंकि विवाह का आधिकारिक प्रमाण होने से उनके कानूनी अधिकारों को मजबूती मिलेगी. विवाह प्रमाणपत्र होने से भविष्य में संपत्ति विवाद, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और वैवाहिक विवादों जैसे कानूनी मामलों में जटिलताएं कम होंगी. यह दस्तावेज सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण कागजात बनवाने में भी सहायक सिद्ध होगा. मैरिज सर्टिफिकेट के लिए मूल रूप से भारतीय नागरिक होना जरूरी है। दंपती की उम्र भारतीय कानून के मुताबिक होनी चाहिए।  ऐसे में प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने विवाह का पंजीकरण जल्द से जल्द संबंधित अधिकृत कार्यालय में करा लें ताकि किसी भी कानूनी असुविधा से बचा जा सके.

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads