छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पीएम आवास योजना के लाभार्थी को मिलेंगी पांच ट्रिप रेत
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र हितग्राहियों को मकान निर्माण के लिए 15 घनमीटर रेत निशुल्क दी जाएगी। शासन ने इसके लिए ‘ई-रेत संगवारी’ ऐप और पोर्टल के माध्यम से व्यवस्था बनाई है। योजना के तहत निर्माण की जरूरत और चरण के अनुसार हितग्राहियों को अधिकतम 5 ट्रिप रेत मिलेगी। प्रत्येक ट्रिप में 3 घनमीटर रेत उपलब्ध कराई जाएगी। पंचायत स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से हितग्राहियों को परमिट दिलाया जाएगा। इस पहल से मकान निर्माण की लागत कम होगी और आवास निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। शासन की 'ई-रेत संगवारी' व्यवस्था के तहत पात्र प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों को उनकी आवास निर्माण की स्थिति और वास्तविक जरूरत के अनुसार कुल पांच ट्रिप रेत दी जाएगी। प्रत्येक ट्रिप में तीन घनमीटर रेत उपलब्ध कराई जाएगी। इस तरह एक हितग्राही को अधिकतम 15 घनमीटर रेत निशुल्क मिलेगी।
इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पंचायत स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। ये कर्मचारी पात्र हितग्राहियों को रेत उत्खनन की अनुमति जारी कराने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे।
ई-रेत संगवारी ऐप और पोर्टल से होगा वितरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों तक रेत पहुंचाने के लिए शासन ने डिजिटल व्यवस्था लागू की है। इसके तहत ई-रेत संगवारी ऐप और पोर्टल के माध्यम से वितरण की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, जनपद पंचायत स्तर पर सहायक प्रोग्रामर को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनपद पंचायतों के तकनीकी सहायकों, ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को ऐप और पोर्टल के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
अवैध रेत उत्खनन पर नियंत्रण की भी तैयारी
डिजिटल माध्यम से रेत वितरण होने से पात्र हितग्राहियों को निर्माण के लिए समय पर रेत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, रेत के अवैध उत्खनन और अनधिकृत उपयोग पर नियंत्रण रखने में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। इससे रेत वितरण की प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
41 हजार से अधिक आवास बनाने का लक्ष्य
राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2024 से 2026 तक कुल 41 हजार 256 आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 40 हजार 476 आवासों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। प्रशासन के मुताबिक, स्वीकृत आवासों में से अब तक 35 हजार 60 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस तरह स्वीकृत आवासों के मुकाबले 86.6 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। वहीं, शेष 5 हजार 416 आवासों का निर्माण कार्य जारी है।
हर आवासहीन परिवार को पक्का मकान देने का लक्ष्य
जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रदेश के हर आवासहीन परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार पात्र और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
