बरसात में टपकती छत से पक्के आशियाने तक, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित घर - CGKIRAN

बरसात में टपकती छत से पक्के आशियाने तक, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित घर


बरसात में टपकती छत से पक्के आशियाने तक, सरिता एंजा का सपना हुआ साकारप्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सिर्फ पक्का मकान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है। इसी योजना से नगर पंचायत भोपालपटनम के नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-01 निवासी श्रीमती सरिता एंजा, पति श्री अशोक कुमार एंजा का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना पूरा हुआ है।

सरिता एंजा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं, जबकि उनके पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी के कारण परिवार लंबे समय तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण परिवार को काफी परेशानी होती थी। मौसम से बचने के लिए परिवार ने सीमेंट शीट की छत लगाकर किसी तरह घर को सुरक्षित रखने का प्रयास किया।

’‘मोर जमीन मोर मकान’ से मिली पक्के घर की राह’

प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के अंतर्गत ‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना से सरिता एंजा के पक्के मकान के लिए आवेदन तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया। आवास स्वीकृत होने के बाद कुछ समय तक निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसके बाद नगर पंचायत भोपालपटनम के अधिकारियों ने परिवार से संपर्क कर उन्हें आवास निर्माण के लिए प्रेरित किया और जरूरी मार्गदर्शन दिया। परिवार ने भी लगातार प्रयास किए। अधिकारियों के सहयोग और परिवार की मेहनत से आखिरकार पक्के मकान का निर्माण पूरा हुआ।

’अब सुरक्षित घर में बीत रहे खुशियों के दिन’

आज सरिता एंजा का परिवार अपने नए पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मान के साथ जीवन बिता रहा है। जिस पक्के घर का सपना उन्होंने वर्षों से देखा था, वह अब उनके सामने हकीकत बनकर खड़ा है। सरिता एंजा बताती हैं कि पक्का मकान मिलने से बरसात के दिनों की चिंता खत्म हो गई है। अब उनका परिवार मौसम की मार से सुरक्षित है और बच्चों के साथ बेहतर माहौल में जीवन आगे बढ़ा रहा है। अपने पक्के आवास के लिए सरिता एंजा ने नगर पंचायत भोपालपटनम, राज्य शासन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

’सरकारी योजना ने बदली जिंदगी’

सरिता एंजा की कहानी बताती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सिर्फ घर बनाने की योजना नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास से भरा जीवन देने की पहल है। कच्चे घर की परेशानियों से निकलकर पक्के आशियाने तक पहुंची सरिता एंजा की यह कहानी उन परिवारों के लिए उम्मीद की मिसाल है, जो अपने पक्के घर का सपना देख रहे हैं।

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