कांग्रेस जिला अध्यक्षों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न, राहुल गांधी से लेकर के.सी. वेणुगोपाल ने दिए टिप्स
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर से लगे अभनपुर में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन किया। 20 जून से 29 जून तक चले इस शिविर में प्रदेश के सभी 41 नव-नियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों को संगठन संचालन से लेकर जनसंपर्क, जनआंदोलन और राजनीतिक रणनीति तक का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। अंतिम दिन कांग्रेस के मीडिया विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन खेरा ने कई मुद्दों तथा मोदी सरकार के खिलाफ और आरएसएस के साथ-साथ भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा की धांधली, देश भर में फैली महंगाई तथा मोदी सरकार की विफल विदेश नीति के कारण यह सरकार फैल है।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जिला अध्यक्षों को राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे जी के द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र सभी जिला अध्यक्ष को दिया। समापन के अवसर पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रभारी सचिन राव समेत पार्टी के कई सीनियर नेता मौजूद थे। एक तरफ कांग्रेस इसे संगठनात्मक पुनर्निर्माण का अभियान बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा का दावा है कि जनता अब ऐसे आयोजनों से भ्रमित होने वाली नहीं है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के लिए नई शुरुआत बनेगा या भाजपा के आरोप उसके राजनीतिक संदेश पर भारी पड़ेंगे?
राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिया सीधा मार्गदर्शन
शिविर की खास बात यह रही कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सीधे जिला अध्यक्षों से संवाद किया। 21 जून को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिविर में पहुंचे और संगठन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जिला अध्यक्षों से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, जनता के बीच सक्रिय रहने और गुटबाजी से दूर रहकर काम करने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि बड़े नेताओं के पीछे घूमने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करना संगठन की असली ताकत है।
राहुल गांधी ने भी की थी शिरकत
प्रशिक्षण शिविर के 10 दिनों के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत पार्टी के सीनियर नेताओं ने शिरकत की थी। इस दौरान फील्ड में काम कैसे करना है इसके साथ-साथ सरकार के खिलाफ रणनीति बनाकर काम कैसे करना है जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
10 दिन तक चला यह प्रशिक्षण शिविर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन और जमीनी मजबूती की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रशिक्षण को किस तरह लागू करते हैं।
भाजपा का पलटवार, प्रशिक्षण नहीं, राजनीतिक नौटंकी
कांग्रेस के दावों के तुरंत बाद भाजपा ने भी जोरदार पलटवार किया. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डे ने कहा कि कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर संगठन निर्माण का प्रयास नहीं, बल्कि राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद किया गया एक "नाटक" है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के बीच रहने और श्रमदान करने का केवल दिखावा कर रही है. भाजपा ने यह भी कहा कि अपने शासनकाल में कांग्रेस ने कभी गरीबों और गांवों की वास्तविक समस्याओं की सुध नहीं ली, इसलिए अब ऐसे आयोजनों से जनता को प्रभावित नहीं किया जा सकता.
