जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों को मिली गति : मनरेगा अंतर्गत “नवा तरिया” निर्माण से बढ़ेगी जल उपलब्धता
“मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत जिले में जल संरक्षण को दी जा रही प्राथमिकता
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 में जिले के तीनों जनपद पंचायतों लोरमी, मुंगेली एवं पथरिया में कुल 18 नए “नवा तरिया” (नया तालाब) निर्माण कार्य कार्ययोजना में शामिल किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भू-जल स्तर सुधारने तथा सिंचाई एवं आजीविका के नए अवसर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में प्रस्तावित 18 नवा तरिया कार्यों में से 15 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा 10 कार्यों में प्रारंभिक निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। जनपद पंचायत लोरमी में 02, मुंगेली में 04 तथा पथरिया में 12 नवा तरिया निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें से पथरिया विकासखंड में सर्वाधिक 12 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
नवा तरिया निर्माण के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जल संचयन क्षमता विकसित की जा रही है, जिससे वर्षा जल का संरक्षण संभव होगा। इन तालाबों के निर्माण से किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों को वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा सभी कार्यों का नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में जनसहभागिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि जल संकट से बचाव एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मनरेगा अंतर्गत नवा तरिया निर्माण एवं अन्य जल संवर्धन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ेगी और भविष्य में जल संकट की स्थिति से निपटने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले में “मोर गांव मोर पानी” अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जा रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण के स्थायी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। नवा तरिया निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ सिंचाई, मत्स्य पालन एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर भी विकसित होंगे। उन्होंने बताया कि सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
