डिजिटल जनगणना में बिलासपुर ने हासिल किया 99% लक्ष्य, जनगणना का पहला चरण पूरा, पोर्टल पर आंकड़े दर्ज - CGKIRAN

डिजिटल जनगणना में बिलासपुर ने हासिल किया 99% लक्ष्य, जनगणना का पहला चरण पूरा, पोर्टल पर आंकड़े दर्ज


जिले में जनगणना महाभियान का पहला चरण लगभग पूरा हो गया है, जिसके आधिकारिक आंकड़े आनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिले की कुल आबादी अब 2078999 पहुंच गई है। प्रगणकों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। डिजिटल माध्यम से हो रही इस जनगणना में जिले के कुल 3102 ब्लाकों में से 3096 का काम पूरा हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का 99.81 प्रतिशत है। सर्वे में जिले के भीतर कुल 581885 मकानों की पहचान की गई है। इनमें से 437400 मकान पूरी तरह आवासीय हैं, जबकि 1484 मकान आंशिक रूप से आवासीय उपयोग में पाए गए हैं। पूरे जिले में कुल परिवारों (हाउसहोल्ड्स) की संख्या बढ़कर 4 लाख 70 हजार 942 हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण अंचलों में तखतपुर ब्लाक 1.41 लाख की जनसंख्या के साथ सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है, जबकि सीपत 1.14 लाख की आबादी के साथ दूसरे नंबर पर है। शहरी क्षेत्र की बात करें तो बिलासपुर नगर निगम के आठों जोनों की सामूहिक आबादी 6 लाख 57 हजार 819 दर्ज की गई है। शहर के कुल 1066 ब्लाकों में से 1060 का काम पूरा हो चुका है, केवल 6 ब्लाकों का काम प्रगति पर है। नए डेटा से जिले की वास्तविक आवासीय और जनसांख्यिकीय स्थिति अब पूरी तरह साफ हो गई है।

शहरी आबादी में मंगला-व्यापार विहार जोन सबसे बड़ा

बिलासपुर नगर निगम के आठों जोनों की समीक्षा करें तो जोन क्रमांक-7 मंगला, व्यापार विहार, तिफरा क्षेत्र में अकेले 1 लाख 44 हजार 406 की आबादी के साथ सबसे बड़ा और व्यस्ततम शहरी क्षेत्र बन गया है। इसके विपरीत, सबसे कम 42 हजार 290 की आबादी जोन क्रमांक-5 में दर्ज की गई है।

जिले में लगभग पचास हजार मकान मिले पूरी तरह खाली

जनगणना के दौरान प्रगणकों को जिले भर में कुल 49 हजार 792 मकान पूरी तरह से खाली मिले हैं। इसके अतिरिक्त, करीब 6 हजार 567 मकानों में ताला लटका हुआ मिला। वहीं, 80 हजार 609 मकान ऐसे पाए गए, जिनका उपयोग निवास के अतिरिक्त अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है।

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