हरी पत्तियों में छुपा है सेहत का खजाना, बीमारियों के लिए हैं घरेलू रामबाण उपाय - CGKIRAN

हरी पत्तियों में छुपा है सेहत का खजाना, बीमारियों के लिए हैं घरेलू रामबाण उपाय


प्रकृति ने हमें सेहतमंद रहने के लिए कई अनमोल तोहफे दिए हैं, जिनमें कई हरी भरी चीजें भी हैं. कुछ हरी पत्तियां सेहत के लिए चमत्कारिक मानी जाती है. इनमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स और अन्य गुण कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. ये पत्तियां न केवल हमारे भोजन का स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए अद्भुत लाभ भी प्रदान करती हैं. आयुर्वेद में हरी पत्तियों का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है आज के समय में हर छोटी परेशानी के लिए दवाइयों पर निर्भर होना आम बात हो गई है. कभी पेट खराब, कभी कमजोरी, कभी सर्दी-जुकाम या फिर इम्यूनिटी कम होना, ऐसे में लोग तुरंत टैबलेट लेने लगते हैं. लेकिन आयुर्वेद हमें सिखाता है कि प्रकृति में ही कई ऐसी औषधियां मौजूद हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं. हमारे आसपास प्रकृति ने बहुत सी ऐसी औषधियां दी हैं जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से ठीक करती हैं. आयुर्वैदिक डॉक्टर गणपत सिंह ने बताया कि आयुर्वेद में कई पत्तों और जड़ी-बूटियों का उपयोग सदियों से किया जा रहा है. ये पत्ते न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और किडनी को सपोर्ट करने में भी मदद करते हैं. आज हम जानेंगे ऐसे ही बेहद फायदेमंद पत्तों के बारे में पाथरचट्टा, गिलोय, अमरूद के पत्ते और पपीते के पत्ते.

पत्थरचट्टा

पत्थरचट्टा एक बहुत ही उपयोगी औषधीय पौधा है जो अक्सर घरों के आसपास आसानी से मिल जाता है. आयुर्वेद में इसे किडनी के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. इसका सही तरीके से सेवन करने से पेशाब से जुड़ी कई परेशानियां कम हो सकती हैं जैसे जलन होना, बार-बार पेशाब आना या मूत्र मार्ग में तकलीफ. यह शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है जिससे शरीर हल्का महसूस करता है और किडनी को भी आराम मिलता है. पत्थरचट्टा के 2 से 3 ताजे पत्तों का रस सुबह खाली पेट लिया जाता है. चाहें तो इसे हल्का उबालकर काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं.

गिलोय 

गिलोय को आयुर्वेद में अमृता कहा गया है. यह हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करता है और शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति देता है. बदलते मौसम में होने वाला बुखार, थकावट, कमजोरी और संक्रमण से बचाव में गिलोय बेहद फायदेमंद है. यह शरीर को अंदर से ऊर्जा देता है और लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. गिलोय का काढ़ा बनाकर दिन में 1 बार लिया जा सकता है. गिलोय का रस भी बाजार में उपलब्ध होता है.

अमरूद के पत्ते 

अमरूद जितना स्वादिष्ट फल है, उतने ही फायदेमंद इसके पत्ते भी हैं. अमरूद के पत्तों का काढ़ा पीने से शुगर लेवल संतुलित रहने में मदद मिलती है. इसके अलावा यह पेट को मजबूत करता है और पाचन सुधारता है. गैस, कब्ज, अपच और पेट की कमजोरी में अमरूद के पत्ते बहुत लाभकारी माने जाते हैं. 5 से 6 अमरूद के पत्ते पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं. फिर इसे हल्का गुनगुना पीना ज्यादा फायदेमंद होता है.

पपीता के पत्ते 

पपीते के पत्ते भी आयुर्वेद में बहुत खास माने जाते हैं. खासकर जब शरीर कमजोर हो या प्लेटलेट्स कम होने लगें, तब पपीते के पत्तों को सपोर्टिव उपाय के रूप में जाना जाता है. यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है और अंदर से ऊर्जा देने का काम करता है.पपीते के पत्ते का रस या काढ़ा सही मात्रा में लिया जाए तो यह शरीर को रोगों से बचाने में मदद कर सकता है.

सहजन के पत्ते 

सहजन के पते आयुर्वेद में बहुत ही शक्तिशाली और पौष्टिक माने जाते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं. सहजन के पत्ते इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और शरीर को अंदर से ऊर्जा देते हैं. यह खून की कमी को दूर करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में भी सहायक माने जाते हैं. गांवों में सहजन के पत्तों की सब्जी या काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता है, जिससे शरीर स्वस्थ और ताकतवर बना रहता है 

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

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