बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पूरी, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण
आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरु हो गया है, जो 20 मार्च, 2026 तक चलेगा. सदन शुरू होने के बाद सबसे पहले अविभाजित मध्यप्रदेश विधान सभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन का उल्लेख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई. सबसे पहले राज्यपाल का अभिभाषण हुआ.
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश की गई. वर्ष 2025-26 में राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 11.57 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया गया है. साय सरकार ने GSDP को 6.31 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई है.
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का GSDP 6.31 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे राज्य की विकास योजनाओं, अधोसंरचना विस्तार और निवेश बढ़ोतरी का परिणाम बताया है. वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है.
आर्थिक सर्वेक्षण को आगामी बजट का आधार माना जा रहा है. वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सरकार विकास और राजकोषीय संतुलन दोनों पर फोकस कर रही है. अब 24 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें टिकी हैं, जहां इन अनुमानों को धरातल पर उतारने की रणनीति सामने आएगी.
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2025-26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,79,244 रुपए होने का अनुमान है. यह वर्ष 2024-25 की तुलना में 10.07 प्रतिशत अधिक है. सरकार का दावा है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और रोजगार सृजन के प्रयासों से आम नागरिक की आय में वृद्धि हुई है.
आर्थिक सर्वेक्षण में तीनों प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान जताया गया
कृषि क्षेत्र: 2025-26 में 12.53% वृद्धि का अनुमान
उद्योग क्षेत्र: 10.26% वृद्धि का अनुमान
सेवा क्षेत्र: 13.15% वृद्धि का अनुमान
