छत्तीसगढ़ में कक्षा 1 से 11 तक एक समान परीक्षा नियम लागू
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए बड़ा बदलाव किया है. लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी नवीनतम गाइडलाइन के अनुसार, अब प्रदेश के केवल सरकारी स्कूल ही नहीं, बल्कि समस्त निजी (Private), अनुदान प्राप्त और स्वामी आत्मानंद स्कूल भी एक ही मूल्यांकन फॉर्मूले और समय-सीमा के दायरे में आएंगे. शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध सभी अशासकीय स्कूलों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि प्रदेश भर के छात्रों के मूल्यांकन में एकरूपता बनी रहे.
सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य समय-सीमा
आदेश के मुताबिक, चाहे स्कूल शासकीय हो या निजी, सभी को 28 फरवरी 2026 तक पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य है.
• प्रोजेक्ट कार्य: सभी स्कूलों को 05 मार्च 2026 तक प्रायोजना कार्य संपन्न करने होंगे.
• परीक्षा का आयोजन: वार्षिक परीक्षाओं का संचालन 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के मध्य सुनिश्चित करना होगा.
निजी स्कूलों को भी अपनाना होगा यह 'रिजल्ट फॉर्मूला'
नए निर्देशों के तहत अब निजी स्कूलों को भी रिजल्ट तैयार करने के लिए शासन द्वारा निर्धारित वेटेज सिस्टम का पालन करना होगा
• कक्षा पहली से 7वीं (5वीं छोड़कर): त्रैमासिक (20%) + छमाही (20%) + वार्षिक परीक्षा (60%)
• कक्षा 9वीं एवं 11वीं: छमाही (30%) + वार्षिक परीक्षा (70%)
यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के छात्रों का शैक्षणिक स्तर एक समान मापा जा सके.
मूल्यांकन और गोपनीयता के कड़े नियम
प्रश्न पत्रों के निर्माण से लेकर वितरण तक की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की होगी. निजी स्कूलों को भी शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा. स्थानीय स्तर पर कॉपियों की जांच 20 अप्रैल 2026 तक पूरी करनी होगी और 30 अप्रैल को प्रदेश भर में एक साथ परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएंगे.
फेल होने पर भी मिलेगी 'कक्षा उन्नति'
शिक्षा के अधिकार और छात्रों के भविष्य को देखते हुए शासन ने यह नियम लागू किया है. कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी और छठवीं और 7वीं क्लास में यदि कोई छात्र पूरक परीक्षा के बाद भी सफल नहीं होता, तो उसे कक्षा उन्नति (Next Class Promotion) देकर अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. निजी स्कूलों को भी इस नियम का पालन करते हुए ऐसे छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करना होगा, हालांकि उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाना अनिवार्य होगा.
किन स्कूलों पर लागू नहीं होगा नियम?
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह नियम केवल छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) से संबद्ध अशासकीय स्कूलों पर लागू होगा. सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालय इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे.
