रोजगार सहायक नाचा मंच पर नोट उड़ाते दिखे, वीडियो वायरल, एसडीएम हटे, अधिकारी सस्पेंड, फिर भी नहीं डरे 'साहब'
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और सूरजपुर के बाद अब कोरिया जिले से भी नोट उड़ाने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में हलचल पैदा कर दी है. सोनहत ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोड़ी में आयोजित नाचा कार्यक्रम के दौरान एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम नोट उड़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन को असहज किया है, बल्कि सरकारी कर्मियों की कार्यशैली और अनुशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो में ग्राम पंचायत पोड़ी में पदस्थ रोजगार सहायक जिंदल साय नाचा कलाकारों के मंच के बिल्कुल सामने खड़े होकर पैसे उड़ाते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर इस तरह का आचरण कैसे कर सकता है. वायरल वीडियो को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि रोजगार सहायक जैसे पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदारी, अनुशासन और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है. ग्रामीणों के मुताबिक, इस तरह की हरकत न केवल सरकारी व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कुछ कर्मचारी नियमों को हल्के में लेते हैं.
मंच के सामने खड़े होकर उड़ाए नोट
वायरल वीडियो में ग्राम पंचायत पोड़ी में पदस्थ रोजगार सहायक जिंदल साय नाचा कलाकारों के मंच के बिल्कुल सामने खड़े होकर पैसे उड़ाते नजर आ रहे हैं. जिस बेपरवाही से नोट हवा में उछाले जा रहे हैं, उससे यह साफ प्रतीत होता है कि कार्यक्रम को किसी निजी उत्सव की तरह लिया गया, न कि एक सरकारी कर्मचारी की गरिमा और आचार संहिता के अनुरूप. वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर इस तरह का आचरण कैसे कर सकता है.
आयोजन भी खुद रोजगार सहायक का बताया जा रहा
सूत्रों के अनुसार नाचा कार्यक्रम का आयोजन स्वयं रोजगार सहायक जिंदल साय द्वारा ही कराया गया था. कार्यक्रम के लिए नाचा दल को बुलाया गया और प्रस्तुति के दौरान खुलेआम पैसे लुटाए गए. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
कार्रवाई की मांग तेज, जांच में जुटा प्रशासन
मामले के सामने आने के बाद अब जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सरकार और प्रशासन सख्ती नहीं दिखाते, तो यह गलत संदेश जाएगा कि सरकारी कर्मचारी दिखावे और लापरवाही के साथ नियमों को ताक पर रख सकते हैं. फिलहाल, जिला प्रशासन वायरल वीडियो की जांच में जुटा बताया जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद रोजगार सहायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि इससे पूर्व छत्तीसगढ के गरियाबंद से अश्लील डांस का मामला सामने आया था, जहां गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। एक आयोजन के लिए ओडिशा से बार डांसर बुलाई गई, जिसने अश्लील अंदाज में डांस किया। इस कार्यक्रम में मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम कार्यक्रम देखने पहुंचे थे और आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित रखी थी। इस पूरे मामले के वीडियो के सामने आने पर हड़कंप मच गया था। कलेक्टर के आदेश पर मैनपुर के एसडीएम तुलसी दास मरकाम को उनके पद से हटा दिया गया है।
गरियाबंद का मामला शांत हुआ ही नहीं था कि इसके बाद सूरजपुर से भी अश्लील डांस का वीडियो सामने आया। सूरजपुर में वन विभाग के रेस्ट हाउस में अश्लील डांस कराया गया। महिलाएं अर्धनग्न होकर अश्लील तरीके से डांस करती नजर आ रही थीं। इस मामले में भी 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
नोट उड़ाने का यह मामला गंभीर माना जा रहा है और पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी पाए जाने पर कितनी कठोर कार्रवाई करता है. यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ जाती है कि क्या सरकारी पद पर बैठे लोगों के आचरण पर पर्याप्त निगरानी और नियंत्रण है, या फिर ऐसे मामले यूं ही सामने आते रहेंगे.
