करवा चौथ 2025: जानें पूजा-विधि - CGKIRAN

करवा चौथ 2025: जानें पूजा-विधि


करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है.

देशभर में आज करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है. पति की लंबी आयु के लिए सुहागन महिलाएं व्रत करतीं हैं. करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर इस व्रत का पारण करतीं हैं. ऐसे में चांद के दर्शन इस व्रत में सबसे ज्यादा जरूरी है. आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के शहरों में आज चांद निकलने या दिखने की अलग-अलग टाइमिंग.

भिलाई 8:06 मिनट पर

रायपुर 8:05 मिनट पर

बिलासपुर 8:01मिनट पर

जगदलपुर 8:08 मिनट पर

सरगुजा 7:54 मिनट पर

ज्योतिष एवं वास्तुविद पंडित  त्रिपाठी ने बताया कि करवा चौथ में करवा अर्थात कर्क का बड़ा महत्व माना गया है. करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर महिलाएं अपने व्रत का पारण करती है. आज के दिन सुहागन महिलाएं निर्जला निराहार और कठिन व्रत करती हैं.

कैसे होती है करवाचौथ व्रत की पूजा ?: करवा चौथ के दिन सुहागन महिलाएं निर्जला और निराहार कठिन व्रत करती हैं, जो देश ही नहीं बल्कि दुनिया में भी भारतीय सनातन स्त्रियों और पुरुषों के लिए बहुत खास होती है. खासकर पंजाब, दिल्ली इन क्षेत्र में इसकी ज्यादा महत्ता है. महिलाएं सास के द्वारा दी गई सरगी जिसमें सूखे मेवे, चावल इत्यादि होते हैं. इसे सूर्योदय से पहले स्नान करके आहार के रूप में लेकर संकल्प करती हैं.

करवाचौथ व्रत के उपयोग में लाई जाने वाली सामग्री

मिट्टी का करवा: यह पूजा का मुख्य पात्र होता है जो जल से भरा जाता है.

छलनी: चंद्रमा को देखने और पति से आशीर्वाद लेने के लिए इसका उपयोग होता है.

दीपक और कपूर: देसी घी का दीपक जलाया जाता है और कपूर से आरती की जाती है.

रोली कुमकुम और चंदन: तिलक लगाने के लिए रोली कुमकुम और चंदन का उपयोग किया जाता है.

अक्षत: धार्मिक कार्यों में उपयोग होने वाले चावल.

हल्दी और मौलीधागा: पूजा के दौरान देवी देवताओं को अर्पित करने और करवे पर बांधने के लिए इस्तेमाल होता है.

फूल फल और मिठाई: पूजा में चढ़ने के साथ ही प्रसाद के काम में आता है.

सुहाग का सामान: जिसमें 16 श्रृंगार, चूड़ी, सिंदूर, बिंदी, पाउडर जैसी तमाम चीजें शामिल होती है.

पानी का लोटा: चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए इसमें शुद्ध जल भरना होता है.

रुई की बत्ती और अगरबत्ती: दीपक जलाने और वातावरण को सुगंधित करने के लिए इस्तेमाल होता है.

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