इन्द्रावती नदी के सूखने से बस्तर में गहराता जल संकट
बस्तर की प्राण दायिनी-जीवन दायनी कहलाने वाली इन्द्रावती नदी में जल संकट गहराने लगा है. बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार कम होते जा रहा है. इन्द्रावती नदी में जल संकट गहराने से बस्तर के किसान परेशान हैं. ग्रामीण लगातार पानी की मांग कर रहे हैं. अब पानी नहीं मिलने से इन्द्रावती नदी भी पूरी तरह सूखने के कगार में है. अब इन्द्रावती के सूखने से बस्तर के किसान काफी परेशान हैं. इतना ही नहीं अब ग्रामीण शासन और प्रशासन से पानी देने की मांग कर रहे हैं. अगर पानी नहीं दिया गया तो राष्ट्रीय राजमार्ग में चक्काजाम करने की भी चेतावनी ग्रामीणों ने दे दी है. फरवरी महीने से ही इंद्रावती नदी में जल संकट मंडराने लगा है, जिसका असर देश में मिनी नियाग्रा के नाम से मशहूर चित्रकोट जलप्रपात पर भी दिखाई दे रहा है. चित्रकोट वाटरफॉल की धारा धीरे-धीरे कम होती जा रही है. वहीं, खेती करने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि छतीसगढ़ -ओडिशा के बीच हुए जल बंटवारे पर प्रशासन गंभीर नहीं है. यही कारण है कि गर्मी के पहले ही इन्द्रावती नदी का जल स्तर गिर गया है. इन्द्रावती नदी के दोनों ओर रहने वाले किसान अपने फसल खराब होने को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं.
किसान प्रशासन इन्द्रावती नदी का 10 प्रतिशत पानी देने की मांग पर अड़े हुए. उनका कहना है कि अगर प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीर नहीं होता तो बस्तर के किसान आंदोलन में उतर जाएंगे. वहीं बस्तर में जल संकट को लेकर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जल्द ही किसानों की समस्या दूर कर ली जाएगी. लगातार सचिव स्तर पर ओडिशा सरकार से बातचीत छतीसगढ़ सरकार द्वारा किया जा रहा है. वहीं उन्होंने कहा कि ओडिशा और छतीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बन चुकी हैं. किसानों को जो समस्या आ रही है उस पर जल संसाधन विभाग लगातार लगा हुआ है. जल्द ही किसानों की समस्या दूर कर ली जाएगी.
