छत्तीसगढ़ में एक नवंबर से सड़कों पर उतरेंगी 20 ई-बसें
दुर्ग-भिलाई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को राज्य शासन ने मंजूरी दी है। पहले चरण में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस यानी एक नवंबर 2026 से 20 बसें चलाने की तैयारी है। इसके लिए रूट चार्ट भी तैयार किया गया है। प्रस्तावित मार्गों में दुर्ग से रायपुर, माना एयरपोर्ट, नया रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे की योजना शामिल है। बसों के सुगम संचालन के लिए आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और कार्यशाला निर्माण से शहर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रत्येक ई-बस में महिला यात्रियों व नागरिकों की सुरक्षा के लिए छह उच्च तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे। यात्रियों को खुले पैसों के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए मोबाइल से सीधे डिजिटल भुगतान व आनलाइन टिकट की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मोबाइल के माध्यम से बसों के वास्तविक स्थान और रूट की पूरी सटीक जानकारी पलक झपकते ही उपलब्ध रहेगी।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था को प्रोत्साहित करना भी है। ई-बसों से स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित रूट चार्ट में दुर्ग रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को प्रमुख केंद्र बनाया गया है। दुर्ग बस स्टैंड से बेरला, पावर हाउस, साजा और गंडई तक बसें चलाने की योजना है। वहीं, दुर्ग रेलवे स्टेशन से गुण्डरदेही, चंदूलाल अस्पताल, पाटन और उतई के लिए भी मार्ग प्रस्तावित हैं। दुर्ग बस स्टैंड से उतई तक सेवा शुरू करने की भी योजना है।
इलेक्ट्रिक बसों से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को इसका वास्तविक लाभ बसों की नियमित उपलब्धता, किराए, स्टॉपेज और समय-सारिणी पर निर्भर करेगा। पहले चरण में 20 बसों के संचालन के बाद शेष बसों को उतारने की योजना आगे बढ़ेगी।
