अबूझमाड़ के मसपुर में ‘मायका सेंटर’ का किया शुभारंभ - मंत्री श्री केदार कश्यप
अबूझमाड़ क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. ग्राम मसपुर में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अत्याधुनिक 'मायका सेंटर' का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने कलेक्टर नम्रता जैन एवं स्वास्थ्य विभाग की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा.साथ ही अंदरुनी गांवों से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से केंद्र तक लाने के लिए बाइक एम्बुलेंस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. अबूझमाड़ जैसे दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना लंबे समय से चुनौती रहा है.इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए जिले के आठ स्थानों पर मायका सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व सुरक्षित वातावरण, नियमित स्वास्थ्य निगरानी और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है.
मसपुर में मायका सेंटर की शुरुआत
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गर्भवती महिला केवल दूरी या संसाधनों के अभाव में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि मायका सेंटर की स्थापना से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा.उन्होंने इस नवाचार के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी- केदार कश्यप, कैबिनेट मंत्री
मायका सेंटर में गर्भवती महिलाओं को मिलेगी नई ताकत
इस अवसर पर कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि मायका सेंटर विशेष रूप से अबूझमाड़ की महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रसव की संभावित तिथि से लगभग 15 दिन पूर्व गर्भवती महिलाओं को सेंटर में लाकर सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम को कम किया जा सके.
बाइक एंबुलेंस को भी दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने अंदरूनी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मोटर बाइक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.यह बाइक एम्बुलेंस दुर्गम एवं सड़क विहीन क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से मायका सेंटर और अस्पताल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
मायका सेंटर में चौबीस घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती रहेगी. महिलाओं का नियमित रूप से रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन सहित अन्य आवश्यक जांच की जाएगी, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की विशेष निगरानी की जाएगी.आवश्यकता पड़ने पर समय पर अस्पतालों में रेफर करने और परिवहन की भी व्यवस्था रहेगी- नम्रता जैन, कलेक्टर कलेक्टर ने बताया कि केंद्र में आयरन, कैल्शियम एवं अन्य आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.साथ ही मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रत्येक गर्भवती महिला का स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलो-अप किया जाएगा. मायका सेंटर में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य परामर्श, स्तनपान की सही जानकारी, नवजात शिशु की देखभाल, परिवार नियोजन तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग भी प्रदान की जाएगी.
